हरिद्वार, 7 सितंबर 2026
उत्तराखंड के हरिद्वार में पुलिस ने समय रहते एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर करीब 16 साल से अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए मौके की तलाश कर रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी को जानकारी मिली थी कि उसके भाई की हत्या के मामले में शामिल लोग जेल से रिहा होकर हरिद्वार आने वाले हैं। इसके बाद उसने कथित रूप से बदला लेने के इरादे से अवैध हथियार जुटाए। पुलिस ने उसके कब्जे से दो पिस्टल, दो मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस को देखकर भागने लगा संदिग्ध
एसपी सिटी हरिद्वार अभय प्रताप सिंह के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर जिले में संदिग्ध लोगों और अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत 6 सितंबर को नगर कोतवाली पुलिस की टीम चित्रकूट घाट के आसपास गश्त कर रही थी। इसी दौरान दारोगा खेमेंद्र गंगवार की नजर एक संदिग्ध व्यक्ति पर पड़ी। पुलिसकर्मियों के उसकी ओर बढ़ते ही आरोपी घबरा गया और मौके से भागने का प्रयास करने लगा।
पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कंधे पर टंगे बैग से हथियार बरामद होने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
बैग से निकलीं दो पिस्टल और 10 कारतूस
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के बैग की तलाशी लेने पर उसमें 32 बोर की दो पिस्टल, दो मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस मिले। पुलिस ने जब हथियारों का लाइसेंस मांगा तो आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
इसके बाद पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि वर्ष 2010 में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में पंचायत चुनाव के दौरान उसके भाई की हत्या कर दी गई थी। भाई की हत्या के बाद से ही वह कथित तौर पर इस वारदात में शामिल लोगों की तलाश कर रहा था।
16 साल से मन में था बदले का इरादा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी का नाम मनोज कुमार पुत्र महावीर सिंह, उम्र 45 वर्ष, निवासी बुडीना कला, थाना तितावी, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश है।
पुलिस के अनुसार, भाई की हत्या के बाद से आरोपी के मन में बदले की भावना बनी हुई थी। उसे हाल ही में कथित तौर पर जानकारी मिली कि भाई की हत्या के आरोपी जेल से बाहर आ चुके हैं और हरिद्वार आने वाले हैं। इसके बाद उसने उनके खिलाफ हमला करने की तैयारी शुरू कर दी।
अप्रैल में हरिद्वार आया, आश्रम लीज पर लेकर शुरू किया होटल
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि संभावित गैंगवार के डर के बीच आरोपी अप्रैल 2026 में हरिद्वार आया था। यहां उसने एक आश्रम को लीज पर लेकर होटल के रूप में कारोबार शुरू कर दिया।
हरिद्वार में रहने के दौरान उसे कथित तौर पर अपने भाई की हत्या के आरोपियों के शहर में आने की जानकारी मिली। इसके बाद उसने बदला लेने के लिए हथियारों की व्यवस्था की। हालांकि, इससे पहले कि वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे पाता, पुलिस की सक्रियता के चलते उसे हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
गैंगवार की आशंका टली
पुलिस की समय पर हुई कार्रवाई से संभावित गैंगवार की स्थिति टल गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास अवैध पिस्टल और कारतूस कहां से पहुंचे। इसके अलावा उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के भाई की हत्या के मामले में कौन-कौन लोग शामिल थे और वर्तमान में उनकी स्थिति क्या है।
आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाने के साथ-साथ हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि बरामद पिस्टल आरोपी तक कैसे पहुंचीं।
पुलिस की सतर्कता से बड़ी वारदात टली
इस मामले में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि आरोपी के पास से हथियार बरामद नहीं होते और वह कथित बदले की योजना को अंजाम देने में सफल हो जाता, तो हरिद्वार में गंभीर आपराधिक घटना हो सकती थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने और आरोपी के पुराने विवाद तथा हथियारों के स्रोत की जांच में जुटी है।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर में वर्ष 2010 में हुई भाई की हत्या का कथित बदला लेने की कोशिश करीब 16 साल बाद हरिद्वार में सामने आई। होटल संचालक के तौर पर रह रहे आरोपी के पास से दो पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की समय रहते कार्रवाई से संभावित हिंसक वारदात टल गई। अब जांच का मुख्य फोकस हथियारों के स्रोत, आरोपी के आपराधिक इतिहास और भाई की हत्या से जुड़े पुराने मामले पर है।


