देहरादून, 06 जून 2026
उत्तराखंड के सरकारी विद्यालयों में खेल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) जिले के सरकारी स्कूलों में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित कर रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बैडमिंटन और वॉलीबॉल कोर्ट बनाए जा रहे हैं, जिससे हजारों छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण खेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
प्रदेश सरकार का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी वही अवसर प्रदान करना है, जो निजी शिक्षण संस्थानों में उपलब्ध होते हैं। इसी सोच के तहत खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छात्रों को समान अवसर मिल सकें।
एमडीडीए द्वारा संचालित इस परियोजना के प्रथम चरण में जिले के आठ विद्यालयों में आधुनिक खेल कोर्ट का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं दूसरे चरण में नौ अन्य विद्यालयों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। पूरी परियोजना पर लगभग 7.80 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार खेल मैदान केवल प्रतियोगिताओं का केंद्र नहीं होते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का आधार भी बनते हैं। खेल गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती जैसे गुण विकसित होते हैं, जो उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
इस योजना की एक विशेषता यह भी है कि विद्यालय समय समाप्त होने के बाद स्थानीय नागरिक भी इन खेल सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे। इससे आसपास के युवाओं और खेल प्रेमियों को बेहतर अभ्यास स्थल मिलेगा तथा समाज में स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
गुणवत्ता और समयबद्ध निर्माण पर विशेष ध्यान
एमडीडीए ने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए हैं। निर्माण के दौरान गुणवत्ता, सुरक्षा और दीर्घकालिक उपयोगिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है ताकि इन सुविधाओं का लाभ आने वाले वर्षों तक विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों को मिलता रहे।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल खेल कोर्ट का निर्माण करना नहीं है, बल्कि ऐसी सुविधाएं विकसित करना है जो छात्रों की खेल प्रतिभा को निखारने में सहायक बनें और उन्हें बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाएं।
इन विद्यालयों में तैयार हो चुके हैं खेल कोर्ट
राजकीय इंटर कॉलेज मियांवाला
राजकीय इंटर कॉलेज रानीपोखरी
राजकीय इंटर कॉलेज सेलाकुई
राजकीय इंटर कॉलेज हरबर्टपुर
राजकीय इंटर कॉलेज सौड़ासरोली
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राजपुर रोड
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कौलागढ़
राजकीय इंटर कॉलेज मालदेवता रायपुर
प्रथम चरण की प्रमुख विशेषताएं
कुल लागत – 4.84 करोड़ रुपये
विद्यालयों की संख्या – 8
सुविधाएं – इंडोर एवं आउटडोर बैडमिंटन कोर्ट तथा वॉलीबॉल कोर्ट
लाभार्थी – छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक
द्वितीय चरण की प्रमुख विशेषताएं
कुल लागत – 2.93 करोड़ रुपये
विद्यालयों की संख्या – 9
निर्माण कार्य – प्रगति पर
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालय स्तर पर बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध होने से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करना आसान होगा। साथ ही उन्हें प्रारंभिक स्तर से ही बेहतर प्रशिक्षण और अभ्यास का अवसर मिलेगा। इससे भविष्य में उत्तराखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी भी मिल सकते हैं।
विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि आधुनिक खेल सुविधाओं के निर्माण से उन्हें अपनी खेल प्रतिभा को विकसित करने का बेहतर अवसर मिलेगा और खेल प्रतियोगिताओं की तैयारी भी अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे।
निष्कर्ष
सरकारी विद्यालयों में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित करने की यह पहल शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। एमडीडीए द्वारा संचालित इस परियोजना से न केवल विद्यार्थियों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि राज्य में खेल संस्कृति को भी नया आयाम मिलेगा। आने वाले वर्षों में यह योजना उत्तराखंड के उभरते खिलाड़ियों के लिए मजबूत आधार साबित हो सकती है और खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


