देहरादून | 8 जून 2026
श्री बद्रीश कॉलोनी कल्याण समिति, देहरादून की ओर से रविवार को कॉलोनी क्षेत्र में जीवन प्रमाण पत्र भरने तथा एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों और अन्य जरूरतमंद लोगों को सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी सुविधाएं उनके निवास क्षेत्र के निकट उपलब्ध कराना था, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
समिति के कार्यकारी अध्यक्ष बृजमोहन भट्ट ने बताया कि बड़ी संख्या में बुजुर्ग नागरिकों को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए विभिन्न कार्यालयों में लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। कई बार भीड़भाड़ और आवागमन की कठिनाइयों के कारण वरिष्ठ नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए कॉलोनी में यह विशेष शिविर आयोजित किया गया, जिससे लोगों को उनके घर के नजदीक ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
शिविर के दौरान जीवन प्रमाण पत्र भरने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया और उपस्थित लोगों को आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। इसके साथ ही एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित जानकारी देने और प्रशासनिक कार्यों में सहयोग सुनिश्चित करने के लिए बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) स्टाफ को भी आमंत्रित किया गया था। अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोगों के प्रश्नों का समाधान करते हुए उन्हें प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
आयोजकों के अनुसार शिविर में कॉलोनी के अनेक वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय निवासियों ने भाग लिया तथा उपलब्ध कराई गई सेवाओं का लाभ उठाया। लोगों ने समिति की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर बुजुर्गों के लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं।
कार्यक्रम के सफल संचालन में समिति के कोषाध्यक्ष अशोक बलूनी सहित प्रदीप नवानी, बलदेव भंडारी, देवेंद्र पंवार, रविंद्र सजवाण, के.सी. बहुगुणा, विधान रावत, कैलाश कोठियाल और जे.पी. जुयाल समेत अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निष्कर्ष
श्री बद्रीश कॉलोनी कल्याण समिति द्वारा आयोजित यह शिविर सामाजिक सरोकार और जनसेवा का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आया। जीवन प्रमाण पत्र और एसआईआर जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को आम लोगों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों तक सरल और सुलभ बनाने की दिशा में यह पहल न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी आयोजनों की आवश्यकता को रेखांकित करती है।


