ऋषिकेश, देहरादून | 09 जून 2026
विश्वभर में योग, अध्यात्म, गंगा तट और पर्यटन नगरी के रूप में प्रसिद्ध ऋषिकेश की पहचान पर अब बढ़ते अपराधों की परछाईं पड़ने लगी है। पिछले कुछ महीनों में सामने आई आपराधिक घटनाओं, अवैध गतिविधियों और पुलिस-अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ों ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनवरी 2026 से अब तक क्षेत्र में लगभग 230 प्राथमिकी दर्ज होना इस बात का संकेत है कि अपराध का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है।
अध्यात्म की नगरी में बढ़ रही आपराधिक गतिविधियां
ऋषिकेश लंबे समय से देश-विदेश के पर्यटकों और साधकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। लेकिन हाल के वर्षों में यहां अपराध के नए स्वरूप सामने आने लगे हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस वर्ष अब तक दर्ज मामलों में मारपीट, चोरी, नशा तस्करी, अवैध कैसीनो संचालन, धोखाधड़ी और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन गतिविधियों के विस्तार, बाहरी लोगों की बढ़ती आवाजाही और तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण अपराधी तत्व भी इस क्षेत्र की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
कैसीनो कांड ने किया था पूरे शहर को हैरान
28 मार्च 2026 को आईडीपीएल क्षेत्र स्थित एक होटल में पुलिस की छापेमारी के दौरान कथित रूप से संचालित किए जा रहे कैसीनो का भंडाफोड़ हुआ था। इस कार्रवाई में कुल 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें 10 महिलाएं भी शामिल थीं।
इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि आम नागरिकों को भी चौंका दिया था। मामले के बाद शहर में अवैध गतिविधियों के नेटवर्क और उनकी पहुंच को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई थी।
पर्यटक के साथ मारपीट का मामला बना राष्ट्रीय चर्चा का विषय
21 मई 2026 को काले की ढाल क्षेत्र में पर्यटकों और स्थानीय युवकों के बीच हुए विवाद ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं। घटना के दौरान एक पर्यटक को कथित रूप से निर्वस्त्र कर पीटे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
इस घटना ने पर्यटन नगरी की छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया और पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा किया था।
होटलों और गेस्ट हाउसों की निगरानी पर भी उठे सवाल
हाल ही में इंद्रमणि बडोनी चौक के समीप स्थित एक होटल में सात महिलाओं के मिलने के बाद कुछ संगठनों ने अनैतिक गतिविधियों और देह व्यापार की आशंका जताई थी। हालांकि पुलिस जांच में ऐसे किसी आरोप की पुष्टि नहीं हुई और मामले को निराधार बताया गया।
फिर भी इस घटना ने शहर के होटलों, गेस्ट हाउसों और किराये पर संचालित आवासीय परिसरों की निगरानी व्यवस्था पर बहस को तेज कर दिया। इससे पहले कैसीनो कांड के दौरान भी पुलिस ने कुछ स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों की आशंका जताते हुए निगरानी बढ़ाने की बात कही थी।
दो महीनों में दो पुलिस मुठभेड़, बढ़ी चिंता
बीते दो महीनों में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई दो मुठभेड़ों ने भी स्थिति की गंभीरता को उजागर किया है।
8 अप्रैल 2026 को देहरादून रोड स्थित वन चौकी के पास हरियाणा के एक वांछित ट्रक चोर के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई थी। आरोपी लंबे समय से विभिन्न राज्यों में सक्रिय बताया गया था।
इसके बाद 8 जून 2026 को खांड गांव क्षेत्र में भट्टोवाला फायरिंग कांड के फरार आरोपियों से पुलिस का सामना हुआ। इस दौरान भी पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। दोनों मामलों में शामिल आरोपी दूसरे राज्यों से जुड़े शातिर अपराधी बताए गए।
पुलिस की सक्रियता से लगातार हो रहे खुलासे
हालांकि बढ़ते अपराधों के बीच पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। विभिन्न मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी, अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान और अपराधियों पर शिकंजा कसने के प्रयास लगातार जारी हैं।
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने कहा कि ऋषिकेश में घटित सभी प्रमुख आपराधिक घटनाओं का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया है और अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य कर रही है।
पर्यटन और सुरक्षा के बीच संतुलन की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि ऋषिकेश जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। लाखों पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले इस क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, होटल सत्यापन, किरायेदार जांच और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी को प्राथमिकता देने की जरूरत है।
यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इससे पर्यटन उद्योग और शहर की वैश्विक छवि दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
निष्कर्ष
योग और अध्यात्म की विश्व प्रसिद्ध नगरी ऋषिकेश आज अपराध के बढ़ते मामलों के कारण नई चुनौतियों का सामना कर रही है। लगातार दर्ज हो रहे मुकदमे, अवैध गतिविधियों के खुलासे और हालिया पुलिस मुठभेड़ें इस बात का संकेत हैं कि अपराधी तत्व भी इस क्षेत्र में अपनी पैठ बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि पुलिस सक्रियता के साथ कार्रवाई कर रही है, लेकिन शहर की पहचान और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रशासन, पुलिस, स्थानीय नागरिकों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को मिलकर सतर्क और जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी।


