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सहसपुर भाजपा नेता हत्याकांड: विनोद कुमार का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही मचा कोहराम, परिजनों की चीख-पुकार से गूंजा गांव

देहरादून/सहसपुर, 15 जून

उत्तराखंड के देहरादून जनपद के सहसपुर क्षेत्र में भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। सोमवार को जब पोस्टमार्टम के बाद विनोद कुमार का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा तो परिजनों का धैर्य टूट गया। घर के आंगन में शव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं, जबकि महिलाओं की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो उठा। बड़ी संख्या में ग्रामीण और समर्थक अंतिम दर्शन के लिए उनके घर पहुंचे।


शव घर पहुंचते ही उमड़ा जनसैलाब, रो पड़े परिजन

भाजपा नेता विनोद कुमार के पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। परिवार के सदस्य शव से लिपटकर बिलखते रहे और न्याय की मांग करते रहे। रविवार देर रात तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से परिजनों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने के बाद ही पंचनामा की कार्रवाई पूरी हो सकी और शव परिजनों को सौंपा गया।


परिजनों ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

मृतक के परिजनों ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मृतक के परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा, विनोद कुमार की पत्नी को सरकारी नौकरी और घटना के बाद पथराव व आगजनी के मामले में नामजद किए गए 135 लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग शामिल है। परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय और सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।


हत्या मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार, पांच आरोपी सलाखों के पीछे

सहसपुर भाजपा नेता हत्याकांड में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। सोमवार को पुलिस ने फरार चल रहे एक और आरोपी इम्तियाज पुत्र शमसुद्दीन निवासी लखनवाला, सहसपुर को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।

इससे पहले 14 जून को पुलिस ने रज्जाक, सलमान, जावेद और शहबाज को गिरफ्तार किया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विभिन्न पुलिस टीमों का गठन कर अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। मृतक के भाई अशोक कुमार की तहरीर के आधार पर सहसपुर कोतवाली में हत्या सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।


पुरानी रंजिश बनी खूनी संघर्ष की वजह

पुलिस जांच और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा नेता विनोद कुमार और पूर्व प्रधान इस्पाक के परिवार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि विनोद कुमार ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत पूर्व प्रधान के कार्यकाल से जुड़े कई मामलों की जानकारी मांगी थी। साथ ही ग्राम समाज की भूमि और अन्य मुद्दों को लेकर शिकायतें भी दर्ज करवाई थीं। इसी कारण दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई थी।


खेत में पानी लगाने के दौरान शुरू हुआ विवाद

घटना शनिवार देर रात से पहले की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार विनोद कुमार अपने भाइयों अशोक और राजेश के साथ सरकारी ट्यूबवेल से खेत में पानी लगा रहे थे। पास ही पूर्व प्रधान इस्पाक के भतीजे इम्तियाज का खेत था। पानी को लेकर आपत्ति जताने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया।

आरोप है कि विवाद के दौरान इम्तियाज, अमन, यूनुस, अनीस, रज्जाक और अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान धारदार और भारी हथियारों से हमला किया गया। आरोप है कि रज्जाक ने विनोद कुमार के सिर पर हथौड़े से लगातार तीन वार किए, जबकि उनके भाइयों अशोक और राजेश के साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई।


इलाज के दौरान हुई मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

घटना के बाद गंभीर रूप से घायल तीनों भाइयों को तत्काल हरबर्टपुर स्थित लेहमन अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने विनोद कुमार को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।


पति की हत्या से आक्रोशित पत्नी ने जताया विरोध

पति की हत्या से सदमे में डूबी विनोद कुमार की पत्नी का दर्द गुस्से के रूप में सामने आया। रोती-बिलखती पत्नी आरोपियों के घर के बाहर पहुंची और आक्रोश व्यक्त करते हुए वहां पत्थर फेंके। उन्होंने कहा कि उनके सुहाग के हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर से कठोर सजा दी जाए। परिवार और ग्रामीणों ने भी एक स्वर में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।


गांव में शोक के साथ न्याय की मांग तेज

भाजपा नेता की हत्या के बाद सहसपुर और आसपास के क्षेत्रों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


निष्कर्ष

सहसपुर में भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पुरानी रंजिश और स्थानीय विवाद किस तरह हिंसक रूप धारण कर समाज की शांति को भंग कर रहे हैं। एक परिवार ने अपना मुखिया खो दिया, वहीं पूरे गांव में शोक और असुरक्षा का माहौल है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और न्यायिक कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दी जा सके।

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