देहरादून, 15 जून 2026
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के शिमला बाईपास रोड स्थित भुड्डी गांव में हुए चर्चित अधिवक्ता सोहेल हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। प्रारंभिक जांच में जिस वारदात को बाहरी बदमाशों की करतूत बताया जा रहा था, वह पारिवारिक विवाद और पैसों के लेन-देन से जुड़ी निकली। पुलिस जांच में सामने आया है कि अधिवक्ता सोहेल की हत्या किसी बाहरी हमलावर ने नहीं, बल्कि उनके छोटे भाई ने ही की थी।
पैसों की मांग पूरी न होने पर बड़े भाई को उतारा मौत के घाट
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी छोटा भाई लंबे समय से आपराधिक प्रवृत्ति का था और नशे का आदी भी बताया जा रहा है। वह अक्सर अपने बड़े भाई, अधिवक्ता सोहेल से पैसों की मांग करता था। घटना वाले दिन भी दोनों भाइयों के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि जब सोहेल ने पैसे देने से इनकार कर दिया तो गुस्से में आकर छोटे भाई ने उन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद रची साजिश, बाहरी बदमाशों की गढ़ी कहानी
जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए पूरी घटना को अलग दिशा देने की कोशिश की। उसने ऐसा माहौल बनाया कि किसी को उस पर शक न हो और पुलिस का ध्यान भटक जाए। इसी योजना के तहत उसने यह कहानी गढ़ी कि कुछ बाहरी बदमाश घर में घुसे और उन्होंने अधिवक्ता सोहेल की गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने जब घटनास्थल के साक्ष्यों, परिजनों के बयानों और तकनीकी जांच को एक साथ जोड़ा तो कहानी में कई विरोधाभास सामने आए। इसके बाद जांच की दिशा बदली और मामला परिवार के भीतर के विवाद तक पहुंच गया।
भुड्डी गांव में मचा था हड़कंप, हत्या से क्षेत्र में फैली थी सनसनी
शिमला बाईपास रोड स्थित भुड्डी गांव में अधिवक्ता की हत्या की खबर सामने आते ही इलाके में सनसनी फैल गई थी। स्थानीय लोगों और परिजनों ने इसे सुनियोजित हमला बताते हुए पुलिस से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। शुरुआती दौर में बाहरी हमलावरों की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन पुलिस की गहन जांच में मामला पूरी तरह पलट गया।
पुलिस अब प्रदर्शन और हंगामे की भी करेगी जांच
इस हत्याकांड के बाद शव को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन और हंगामे को लेकर भी पुलिस सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार कुछ लोगों ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्यवाही में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने का प्रयास किया। पुलिस ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, मामले में वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।
फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों से खुली परत-दर-परत सच्चाई
जांच अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों, फोरेंसिक जांच और पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों ने पूरे मामले की सच्चाई उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने घटनाक्रम को कई कोणों से परखा और अंततः यह निष्कर्ष सामने आया कि हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद और पैसों को लेकर उपजा तनाव ही मुख्य कारण था।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हत्याकांड
अधिवक्ता सोहेल की हत्या और उसमें छोटे भाई की कथित संलिप्तता का खुलासा होने के बाद पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग भी इस बात से हैरान हैं कि एक पारिवारिक विवाद इतनी भयावह घटना का रूप ले सकता है। लोग इसे नशे की लत और आपराधिक प्रवृत्ति के दुष्परिणाम के रूप में भी देख रहे हैं।
निष्कर्ष
देहरादून के भुड्डी गांव में अधिवक्ता सोहेल की हत्या का खुलासा रिश्तों के टूटते विश्वास और नशे की बुरी लत की भयावह तस्वीर सामने लाता है। जिस घटना को बाहरी बदमाशों की साजिश समझा जा रहा था, वह परिवार के भीतर के विवाद का परिणाम निकली। अब पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ हंगामे और प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था भंग करने वालों पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पूरे मामले पर सभी की निगाहें आगामी पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।


