देहरादून | 18 जून 2026
उत्तराखंड सरकार ने राज्य के हजारों उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड) कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए समान कार्य के लिए समान वेतन योजना के दायरे का विस्तार कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके बाद अब प्रदेश के सभी पात्र उपनल कर्मचारियों को उनके समकक्ष सरकारी कर्मचारियों के बराबर वेतन मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
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कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, समान कार्य-समान वेतन के लिए निर्धारित पात्रता तिथि (कट-ऑफ डेट) को संशोधित कर दिया गया है। अब तक इस योजना का लाभ केवल 12 नवंबर 2018 तक कार्यरत कर्मचारियों को ही मिल रहा था, लेकिन नवीन निर्णय के बाद यह तिथि बढ़ाकर 15 अक्टूबर 2024 कर दी गई है।
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सरकार का यह फैसला नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 15 अक्टूबर 2024 को दिए गए निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। इससे उन हजारों कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा जो अब तक निर्धारित कट-ऑफ तिथि के कारण समान वेतन की व्यवस्था से बाहर रह गए थे।
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प्रदेश में वर्तमान समय में लगभग 22 हजार उपनल कर्मचारी विभिन्न सरकारी विभागों, कार्यालयों और संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से करीब 11 हजार कर्मचारियों को पहले से समान कार्य-समान वेतन का लाभ मिल रहा था, जबकि शेष कर्मचारियों को इस सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा था।
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नए फैसले के बाद अब शेष 11 हजार से अधिक कर्मचारियों को भी इस व्यवस्था में शामिल कर लिया गया है। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक लाभ मिलेगा। सरकार ने संकेत दिए हैं कि बढ़ी हुई वेतन राशि का भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि वित्तीय व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
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उपनल कर्मचारी लंबे समय से इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे थे। उनका तर्क था कि वे नियमित कर्मचारियों के समान कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षाकृत कम वेतन मिल रहा है। वर्षों से चली आ रही इस मांग पर सरकार की मुहर लगने के बाद कर्मचारियों में उत्साह और संतोष का माहौल देखा जा रहा है।
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उपनल कर्मचारी संगठन उत्तराखंड के अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि कर्मचारी लंबे समय से इस निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिससे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। संगठन ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित करने की भी बात कही है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि समान कार्य-समान वेतन की व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, कार्यस्थलों पर मनोबल बढ़ेगा और वेतन संबंधी असमानता काफी हद तक समाप्त होगी। इससे सरकारी विभागों में कार्यरत संविदा और उपनल कर्मियों के बीच लंबे समय से चली आ रही नाराजगी भी कम होने की संभावना है।
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राजनीतिक दृष्टि से भी इस निर्णय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सरकार का यह कदम 22 हजार से अधिक कर्मचारियों और उनके परिवारों को प्रभावित करेगा। ऐसे में इसे कर्मचारी हितों से जुड़ा एक बड़ा और प्रभावशाली फैसला माना जा रहा है।
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कैबिनेट बैठक में लिए गए इस निर्णय के बाद विभिन्न विभागों में कार्यरत उपनल कर्मचारियों ने खुशी जताई है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि उन्हें सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां और आर्थिक सुरक्षा भी प्राप्त होगी।
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निष्कर्ष
उत्तराखंड सरकार का समान कार्य-समान वेतन संबंधी यह निर्णय प्रदेश के उपनल कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। पात्रता तिथि को बढ़ाकर 15 अक्टूबर 2024 किए जाने से हजारों कर्मचारियों को लंबे समय से प्रतीक्षित लाभ मिल सकेगा। यह फैसला कर्मचारियों के आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल पर समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, जिससे प्रदेश के हजारों परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।


