देहरादून | 21 जून 2026
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने और नए चेहरों को जोड़ने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। रविवार को रायपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व पार्षद नरेश रावत ने अपने कई समर्थकों के साथ कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उन्हें पार्टी का पटका पहनाकर और माल्यार्पण कर औपचारिक रूप से कांग्रेस परिवार में शामिल किया।
कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के संघर्ष से प्रभावित होकर लगातार लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनता बदलाव चाहती है और कांग्रेस उस बदलाव की आवाज बनकर उभर रही है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस में शामिल हुए सभी नए साथियों से पार्टी को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर कांग्रेस की नीतियों को जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों को भी उजागर करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है और आने वाले समय में यह संघर्ष और तेज होगा।
इस दौरान कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व पार्षद नरेश रावत ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा और जनता के हितों के लिए किए जा रहे संघर्ष को देखते हुए पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करने का कार्य करेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे।
वहीं कांग्रेस ने सोमवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी भूमि माफियाओं को संरक्षण देने तथा जनविरोधी नीतियों के विरोध में सचिवालय कूच करेगी। कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस भवन से सचिवालय तक विशाल रैली निकालते हुए प्रदर्शन करेंगे। इस आंदोलन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल करेंगे।
कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने बताया कि प्रदेशभर से कार्यकर्ता और नेता इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़े मामलों में सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर जनता में भारी नाराजगी है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठा रही है और सोमवार का सचिवालय घेराव उसी संघर्ष का हिस्सा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनावों से पहले विभिन्न दलों में नेताओं और कार्यकर्ताओं के आने-जाने का दौर और तेज होगा। ऐसे में कांग्रेस का संगठन विस्तार अभियान पार्टी के लिए चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस लगातार अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी हुई है। पूर्व पार्षद नरेश रावत और उनके समर्थकों का पार्टी में शामिल होना कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं सोमवार को प्रस्तावित सचिवालय घेराव के माध्यम से कांग्रेस प्रदेश सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन को और धार देने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में यह गतिविधियां चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं।


