मानसून के चलते दो माह का रहेगा विराम, देशभर से पहुंच रहे पर्यटक; एडवेंचर प्रेमियों के पास अब केवल कुछ दिन शेष
ऋषिकेश | 21 जून 2026
विश्व प्रसिद्ध योगनगरी ऋषिकेश में गंगा नदी की लहरों पर रोमांच का अनुभव कराने वाली रिवर राफ्टिंग गतिविधि अब अपने मौजूदा सीजन के अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से 30 जून से राफ्टिंग संचालन बंद करने का निर्णय लिया है। मानसून के दौरान गंगा का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण हर वर्ष की तरह इस बार भी राफ्टिंग गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगाई जाएगी।
ऐसे में एडवेंचर प्रेमियों के लिए गंगा की लहरों पर रोमांच का अनुभव लेने का यह अंतिम अवसर माना जा रहा है। वर्तमान सीजन समाप्त होने के बाद राफ्टिंग का संचालन सीधे 1 सितंबर 2026 से दोबारा शुरू किया जाएगा।
ऋषिकेश के मुनि की रेती, तपोवन, लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम क्षेत्र इन दिनों पर्यटकों से गुलजार हैं। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब और देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक राफ्टिंग का आनंद लेने पहुंच रहे हैं।
गंगा किनारे स्थित राफ्टिंग कैंप और साहसिक पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों के अनुसार सीजन के अंतिम दिनों में पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि देखने को मिल रही है। मानसून से पहले लोग परिवार और दोस्तों के साथ राफ्टिंग का रोमांचक अनुभव लेने के लिए ऋषिकेश का रुख कर रहे हैं।
राफ्टिंग संचालक पर्यटकों को उनके कार्यालयों से निर्धारित प्वाइंट तक पहुंचाते हैं, जहां से गंगा की तेज धाराओं के बीच रोमांचक सफर की शुरुआत होती है। प्रशिक्षित गाइड और सुरक्षा उपकरणों के साथ पर्यटकों को विभिन्न रूटों पर राफ्टिंग कराई जाती है।
ऋषिकेश की राफ्टिंग केवल साहसिक खेल ही नहीं बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग की एक महत्वपूर्ण पहचान भी बन चुकी है। हर वर्ष हजारों देशी और विदेशी पर्यटक यहां पहुंचकर गंगा की लहरों में रोमांच का अनुभव करते हैं।
गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति के पूर्व अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने बताया कि बरसात के मौसम में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है। नदी का बहाव अधिक होने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक वर्ष 30 जून को राफ्टिंग गतिविधियों को बंद कर दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि मौसम सामान्य होने और नदी का जलस्तर नियंत्रित होने के बाद 1 सितंबर से राफ्टिंग का संचालन पुनः शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने पर्यटकों से अपील की कि सीजन समाप्त होने से पहले बचे हुए दिनों में ऋषिकेश पहुंचकर इस रोमांचक गतिविधि का आनंद अवश्य लें।
इन प्रमुख रूटों पर होती है रिवर राफ्टिंग
कौड़ियाला से रामझूला (नीम बीच) – लगभग 35 किलोमीटर
कौड़ियाला से शिवपुरी – लगभग 20 किलोमीटर
मरीन ड्राइव से शिवपुरी – लगभग 10 किलोमीटर
मरीन ड्राइव से रामझूला (नीम बीच) – लगभग 25 किलोमीटर
शिवपुरी से रामझूला (नीम बीच) – लगभग 15 किलोमीटर
ब्रह्मपुरी से रामझूला (नीम बीच) – लगभग 9 किलोमीटर
क्लब हाउस से रामझूला (नीम बीच) – लगभग 9 किलोमीटर
साहसिक पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार 30 जून को राफ्टिंग संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए मानसून अवधि में किसी भी प्रकार की राफ्टिंग गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सभी संचालकों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश जारी किए गए हैं और एक सितंबर से संचालन पुनः प्रारंभ किया जाएगा।
राफ्टिंग से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलता है बल
रिवर राफ्टिंग ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इससे जुड़े गाइड, प्रशिक्षक, कैंप संचालक, होटल व्यवसायी, टैक्सी चालक और स्थानीय व्यापारियों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। सीजन के दौरान हजारों लोगों की आजीविका इस गतिविधि पर निर्भर रहती है।
निष्कर्ष
ऋषिकेश में गंगा की लहरों पर रोमांच का अनुभव करने वालों के लिए मौजूदा राफ्टिंग सीजन अब अंतिम दौर में है। 30 जून के बाद मानसून के कारण दो महीने तक राफ्टिंग गतिविधियां बंद रहेंगी और पुनः 1 सितंबर से शुरू होंगी। ऐसे में साहसिक पर्यटन के शौकीनों के लिए यह समय गंगा के रोमांच को करीब से महसूस करने का सुनहरा अवसर है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन और पर्यटन विभाग मानसून अवधि में गतिविधियों पर रोक लगाकर पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारी में जुटे हैं।


