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हरिद्वार में रेलवे भूमि पर चला बुलडोजर: 10 बीघा जमीन अतिक्रमण मुक्त, कार्रवाई के दौरान टीम पर गिरी झोपड़ी

हरिद्वार, 23 जून 2026

आगामी कांवड़ यात्रा और कुंभ मेले की तैयारियों के बीच हरिद्वार प्रशासन ने रेलवे की भूमि पर वर्षों से बने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। मंगलवार को जिला प्रशासन, रेलवे, आरपीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने टीबड़ी क्षेत्र में रेलवे की लगभग 10 बीघा भूमि को कब्जामुक्त कराते हुए 50 से अधिक झुग्गी-झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया। अभियान के दौरान एक झोपड़ी अचानक ढहकर पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों पर गिर गई, हालांकि सभी लोग बाल-बाल बच गए।


सुबह करीब 10 बजे सिटी मजिस्ट्रेट हरि गिरी के नेतृत्व में संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई शुरू करने से पहले झुग्गियों में रह रहे लोगों को अंतिम बार अपना सामान हटाने के लिए लगभग दो घंटे का समय दिया गया। प्रशासन का कहना है कि इससे पहले भी संबंधित लोगों को कई बार नोटिस जारी कर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए थे।


निर्धारित समय समाप्त होने के बाद जेसीबी मशीनों की मदद से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया। जैसे-जैसे बुलडोजर आगे बढ़ा, एक-एक कर अवैध झुग्गी-झोपड़ियों को हटाया जाने लगा। इस दौरान कुछ लोगों ने विरोध जताया और अधिकारियों के साथ हल्की नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।


अभियान के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को झुग्गियों के भीतर बिजली की व्यवस्था और कई घरेलू उपकरण भी मिले। कई झोपड़ियों में बिजली के तार, कूलर, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण मौजूद थे। अधिकारियों का मानना है कि इससे संकेत मिलता है कि लंबे समय से यहां स्थायी रूप से निवास किया जा रहा था।


कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने दावा किया कि वे वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और उनके वोटर पहचान पत्र भी बने हुए हैं। हालांकि अधिकारियों द्वारा दस्तावेज दिखाने को कहे जाने पर अधिकांश लोग कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रेलवे की भूमि पर अवैध कब्जे को किसी भी स्थिति में जारी नहीं रहने दिया जाएगा।


अतिक्रमण हटाने के दौरान एक बड़ा हादसा भी होते-होते टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जेसीबी मशीन द्वारा एक झोपड़ी को हटाते समय उसका पूरा ढांचा अचानक ढह गया और वहां मौजूद तीन से चार पुलिसकर्मी तथा रेलवे कर्मचारी उसके नीचे दब गए। राहत की बात यह रही कि झोपड़ी बांस और हल्की सामग्री से बनी हुई थी, जिसके कारण किसी को गंभीर चोट नहीं आई और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।


इस अभियान में रानीपुर, कनखल और ज्वालापुर कोतवाली की पुलिस टीमों के साथ रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान भी तैनात रहे। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।


सिटी मजिस्ट्रेट हरि गिरी ने बताया कि कांवड़ यात्रा और आगामी कुंभ मेले को देखते हुए शहर में अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। रेलवे प्रशासन के अनुरोध पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए रेलवे की भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों को पहले ही पर्याप्त समय और नोटिस दिए गए थे, लेकिन भूमि खाली नहीं की गई, जिसके बाद यह कदम उठाना पड़ा।


प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की जाएगी।


निष्कर्ष

हरिद्वार में रेलवे की 10 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की यह कार्रवाई आगामी कांवड़ यात्रा और कुंभ मेले की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि अभियान के दौरान एक झोपड़ी गिरने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना, लेकिन किसी बड़े हादसे से बचाव हो गया। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और कानून का उल्लंघन करने वालों को राहत नहीं दी जाएगी।

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