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उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम, दिसंबर में टोंस नदी बनेगी अंतरराष्ट्रीय राफ्टिंग-कयाकिंग स्पर्धा की मेजबान

देहरादून | 13 जुलाई 2026

उत्तराखंड एक बार फिर साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। आगामी दिसंबर 2026 में उत्तरकाशी जिले की प्रसिद्ध टोंस नदी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की राफ्टिंग और कयाकिंग स्पर्धा आयोजित की जाएगी। इस आयोजन के माध्यम से राज्य सरकार न केवल एडवेंचर स्पोर्ट्स को वैश्विक मंच देने की तैयारी कर रही है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी नई गति देने का लक्ष्य रखा गया है।

नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन की सफलता के बाद नई पहल

उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) ने पिछले वर्षों में सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण आयोजन किए हैं। पिथौरागढ़ में आदि कैलास अल्ट्रा रन और इस वर्ष चमोली जिले की नीती घाटी में आयोजित नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन को देश-विदेश के खिलाड़ियों से शानदार प्रतिक्रिया मिली।

इन आयोजनों की सफलता के बाद अब परिषद ने उत्तरकाशी की टोंस नदी में अंतरराष्ट्रीय राफ्टिंग-कयाकिंग प्रतियोगिता आयोजित करने की योजना को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। प्रतियोगिता की तिथियों की घोषणा जल्द की जाएगी।

टोंस नदी के रैपिड्स दुनिया के बेहतरीन एडवेंचर ट्रैक में शामिल

उत्तरकाशी की टोंस नदी अपने तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण रैपिड्स के कारण एडवेंचर प्रेमियों के बीच विशेष पहचान रखती है। मोरी, नैटवाड़ और हनोल के बीच नदी का प्रवाह बेहद तीव्र है, जहां ग्रेड-4 और ग्रेड-5 के रैपिड्स मौजूद हैं।

इन हिस्सों में तेज बहाव, गहरे भंवर और कठिन मोड़ राफ्टिंग एवं कयाकिंग को अत्यंत रोमांचक बनाते हैं। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी इस नदी को विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए उपयुक्त मानते हैं।

विदेशी खिलाड़ियों ने भी जताई रुचि

पर्यटन विभाग के अनुसार यूरोप और अमेरिका सहित कई देशों के एडवेंचर खिलाड़ियों ने टोंस नदी को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए अत्यंत उपयुक्त बताया है। इसी फीडबैक के आधार पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद इस आयोजन की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर रही है।

इस प्रतियोगिता से उत्तराखंड को वैश्विक एडवेंचर स्पोर्ट्स मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था रहेगी सर्वोच्च प्राथमिकता

प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। हाल ही में लागू किए गए सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रत्येक टीम के साथ प्रशिक्षित रेस्क्यू कयाकर, लाइफ सपोर्ट उपकरण, सुरक्षा नौकाएं और आपदा राहत दल तैनात रहेंगे।

इसके अलावा नदी के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर विशेषज्ञों की निगरानी और मेडिकल सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभ

पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं है, बल्कि जौनसार-बावर और रंवाई (टोंस घाटी) क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के बाद वहां होमस्टे, स्थानीय गाइड, परिवहन और अन्य पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर बढ़े, उसी तरह टोंस घाटी में भी स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होगा और स्थानीय लोगों की आय में भी वृद्धि होने की संभावना है।

साहसिक पर्यटन में उत्तराखंड की बढ़ेगी वैश्विक पहचान

राज्य सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय राफ्टिंग-कयाकिंग स्पर्धा के आयोजन से उत्तराखंड की पहचान केवल धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह राज्य वैश्विक स्तर पर एडवेंचर स्पोर्ट्स की प्रमुख मंजिल के रूप में भी स्थापित होगा। इससे विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास को भी नई गति मिलेगी।

निष्कर्ष

उत्तरकाशी की टोंस नदी में दिसंबर 2026 में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय राफ्टिंग-कयाकिंग स्पर्धा उत्तराखंड के साहसिक पर्यटन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकती है। विश्वस्तरीय रैपिड्स, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने की योजना के साथ यह आयोजन राज्य को अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर टूरिज्म के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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