BREAKING

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का कांग्रेस पर पलटवार, गणेश गोदियाल पर मंदिर समिति की धनराशि के दुरुपयोग के लगाए गंभीर आरोप

स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 20 जुलाई 2026

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में चढ़ावे की कथित हेराफेरी को लेकर चल रहे विवाद ने अब राजनीतिक रंग और तेज कर लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में सोमवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर कई गंभीर आरोप लगाए और उनके कार्यकाल को लेकर सवाल खड़े किए।

प्रेसवार्ता के दौरान हेमंत द्विवेदी ने दावा किया कि जब गणेश गोदियाल बीकेटीसी के अध्यक्ष थे, तब मंदिर समिति के कोष में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान से प्राप्त धनराशि का मनमाने तरीके से वितरण किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि गोदियाल ने अपने विधानसभा क्षेत्र के कई व्यक्तिगत लाभार्थियों को 25 हजार रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मंदिर समिति की धनराशि से उपलब्ध कराई। द्विवेदी ने इस दौरान कुछ लाभार्थियों के नामों का भी उल्लेख करते हुए अपने आरोपों को दोहराया।

हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर बदरीनाथ धाम के चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी प्रकरण की निष्पक्ष जांच चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर उसे संरक्षण नहीं दिया जाएगा। उनका आरोप था कि बिना किसी ठोस तथ्य और प्रमाण के लगाए जा रहे बयान जांच की प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास हैं और इससे वास्तविक दोषियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

प्रेसवार्ता के दौरान द्विवेदी ने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा में निर्णय संगठन और व्यवस्था के तहत लिए जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गणेश गोदियाल बीकेटीसी अध्यक्ष थे, तब क्या उन्हें प्रत्येक निर्णय के लिए कांग्रेस नेतृत्व से निर्देश मिलते थे। उन्होंने कहा कि भाजपा की कार्यप्रणाली इससे अलग है और उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल से टकराव नहीं, बल्कि मंदिर समिति के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें अध्यक्ष बने 14 महीने हुए हैं और इस दौरान उन्होंने मंदिर समिति से अपने लिए कोई निजी स्टाफ नहीं रखा। उनका कहना था कि समिति के कर्मचारियों को कार्यालय में रखने के बजाय फील्ड में कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि व्यवस्थाओं में सुधार हो सके। इसके विपरीत उन्होंने आरोप लगाया कि गणेश गोदियाल के कार्यकाल में उनके साथ 10 से 12 लोगों का स्टाफ नियुक्त रहता था।

द्विवेदी ने यह भी कहा कि गणेश गोदियाल सार्वजनिक रूप से यह दावा करते हैं कि उन्होंने बीकेटीसी अध्यक्ष रहते हुए समिति से एक रुपये का भी लाभ नहीं लिया, जबकि उनके अनुसार उस दौरान विधायक के रूप में वे वेतन प्राप्त करने के साथ-साथ बीकेटीसी अध्यक्ष पद से मिलने वाले अन्य लाभ भी लेते रहे। उन्होंने कहा कि इन सभी तथ्यों को सार्वजनिक रिकॉर्ड के आधार पर देखा जा सकता है।

प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी तथा मीडिया संपर्क संयोजक हरीश चमोली भी उपस्थित रहे। नेताओं ने कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम की गरिमा तथा श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की अनावश्यक राजनीति से बचना चाहिए।

निष्कर्ष

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के चढ़ावे से जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर कांग्रेस सरकार और बीकेटीसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा और बीकेटीसी अध्यक्ष पूर्व कार्यकाल पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय जांच पूरी होने और संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल इस पूरे मामले ने उत्तराखंड की राजनीति और धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *