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ऋषिकेश कोतवाली में विवाद से मचा सियासी बवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष और पूर्व मंडल अध्यक्ष ने कोतवाल पर लगाए मारपीट के आरोप

Police Barricade on a road

स्थान: ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 19 जुलाई 2026

ऋषिकेश कोतवाली में शनिवार को एक विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया। भाजपा से जुड़े दो युवकों के बीच हुए झगड़े का समझौता कराने पहुंचे भाजपा के वर्तमान मंडल अध्यक्ष और पूर्व मंडल अध्यक्ष ने कोतवाली प्रभारी पर मारपीट और अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार को भाजपा से जुड़े दो युवकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। पहले दोनों पक्ष श्यामपुर चौकी पहुंचे, जहां मामला नहीं सुलझ सका। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को आगे की कार्रवाई और समझौते के प्रयास के लिए ऋषिकेश कोतवाली बुलाया।

बताया जा रहा है कि कोतवाली परिसर में दोनों पक्षों के बीच समझौते की बातचीत चल रही थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि विवाद के बीच कोतवाली प्रभारी और वहां मौजूद कुछ लोगों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई।

भाजपा नरेंद्र नगर मंडल अध्यक्ष साकेत ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपना परिचय देने के बावजूद कोतवाल ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें थप्पड़ मार दिया। उन्होंने कहा कि वह वर्तमान में नरेंद्र नगर पालिका परिषद के सभासद भी हैं और विवाद को शांत कराने के उद्देश्य से कोतवाली पहुंचे थे।


वहीं भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष अरविंद नेगी ने भी पुलिस पर हाथापाई का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। अरविंद नेगी की पत्नी मुनिकीरेती नगर पालिका की निर्वाचित सभासद हैं। दोनों नेताओं ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में नाराजगी बढ़ गई है। पार्टी से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जाता है तो यह गंभीर विषय है। मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी भी की जा रही है।

फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जा सकती है। यदि शिकायत दर्ज होती है तो मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

ऋषिकेश कोतवाली में समझौते की कोशिश के दौरान उत्पन्न विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। भाजपा नेताओं द्वारा लगाए गए मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोपों के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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