BREAKING

देहरादून में ध्वनि प्रदूषण पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 43 धार्मिक स्थलों से हटाए गए लाउडस्पीकर, विरोध प्रदर्शन भी हुआ

स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 19 जुलाई 2026

देहरादून में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण और सार्वजनिक शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस और उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संयुक्त अभियान चलाया। अभियान के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में संचालित होने या आवश्यक अनुमति के अभाव में चल रहे लाउडस्पीकरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 43 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों तथा ध्वनि प्रदूषण से संबंधित लागू नियमों के अनुपालन में की गई। अभियान के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ धार्मिक स्थलों का निरीक्षण किया और वहां लगाए गए ध्वनि विस्तारक यंत्रों की जांच की।

निरीक्षण के दौरान जिन धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक स्तर पर संचालित पाए गए या आवश्यक अनुमति उपलब्ध नहीं मिली, वहां तत्काल उन्हें हटवाने की कार्रवाई की गई। पुलिस ने संबंधित प्रबंधन समितियों को भविष्य में निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए हैं।

पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान कुल 43 धार्मिक स्थलों से नियमों के विपरीत संचालित लाउडस्पीकर हटाए गए। अधिकारियों ने कहा कि यदि भविष्य में किसी भी धार्मिक स्थल पर बिना अनुमति अथवा निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर संचालित पाए गए तो संबंधित अधिनियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई के बाद शहर में एक समुदाय विशेष के लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि कार्रवाई केवल एक समुदाय को निशाना बनाकर की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से सभी धर्मों और संस्थानों के लिए समान मानकों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग उठाई।

मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर का उपयोग केवल अजान के लिए सीमित समय, लगभग 10 से 15 मिनट तक किया जाता है और ध्वनि स्तर को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने का प्रयास किया जाता है। उनका कहना था कि यदि किसी मस्जिद से ध्वनि प्रदूषण की शिकायत मिलती है तो संबंधित मस्जिद प्रबंधन समिति या शहर काजी को सूचित किया जाना चाहिए, ताकि आवश्यक सुधार तत्काल कराया जा सके।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि यदि ध्वनि प्रदूषण के नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है तो नगर निगम की कूड़ा संग्रहण गाड़ियों, पुलिस वाहनों तथा अन्य सरकारी वाहनों में इस्तेमाल होने वाले हूटर और सायरन की भी समान रूप से जांच की जानी चाहिए। उनका कहना था कि नियमों का पालन सभी के लिए एक समान होना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान संगठन के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। वहीं प्रशासन की ओर से पूरे मामले पर स्थिति पर नजर बनाए रखने और कानून व्यवस्था कायम रखने की बात कही गई है।

निष्कर्ष

देहरादून में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर चलाया गया अभियान चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर प्रशासन इसे न्यायालय के निर्देशों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई बता रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ संगठनों ने इसे लेकर आपत्ति जताई है। फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का उल्लंघन किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी निर्धारित मानकों के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *