BREAKING

मसूरी-देहरादून मार्ग पर दो जगह भूस्खलन, सड़क पर मलबा और बोल्डर गिरने से यातायात प्रभावित, प्रशासन ने जारी की चेतावनी

स्थान: मसूरी, देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 19 जुलाई 2026

उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी बारिश का असर अब पर्वतीय क्षेत्रों में साफ दिखाई देने लगा है। रविवार को मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग पर गलोगी पावर हाउस और मैगी प्वाइंट के समीप दो अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन होने से सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आ गए। इसके चलते कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। हालांकि, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की त्वरित कार्रवाई से मार्ग को जल्द ही साफ कर वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू करा दी गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लगातार बारिश के बीच अचानक पहाड़ी से पत्थर और मलबा सड़क पर आ गिरा। घटना के बाद मार्ग से गुजर रहे वाहन चालकों और पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया, क्योंकि कुछ समय तक पहाड़ी से छोटे-बड़े पत्थर गिरने का सिलसिला जारी रहा।

पर्यटन सीजन के चलते मसूरी-देहरादून मार्ग पर प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन संचालित होते हैं। ऐसे में सड़क पर अचानक भूस्खलन होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई वाहन मलबे की चपेट में नहीं आया और किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।

भूस्खलन की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की टीम जेसीबी मशीनों और कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंची। सड़क पर फैले पत्थरों और मलबे को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया। कुछ ही समय में मार्ग को साफ कर यातायात को सामान्य कर दिया गया, जिससे लंबा जाम लगने की स्थिति नहीं बनी।

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मानसून के दौरान संभावित भूस्खलन को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से ही जेसीबी मशीनें और राहत दल तैनात किए गए हैं। किसी भी स्थान से भूस्खलन की सूचना मिलते ही तत्काल मशीनों और कर्मचारियों को भेजकर सड़क को जल्द से जल्द खोलने की कार्रवाई की जाती है, ताकि आम जनता और पर्यटकों को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुए लोगों और पर्यटकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचें तथा यात्रा के दौरान मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही निकलें। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई है।

इधर, रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग पर भी पहाड़ी से बोल्डर और पत्थर गिरने के कारण मार्ग का एक हिस्सा प्रभावित हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए घोड़ा, डंडी और कंडी सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। हालांकि प्रशासन की निगरानी में पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित तरीके से जारी है।

लोक निर्माण विभाग, गुप्तकाशी निर्माण खंड के अधिकारियों के अनुसार, केदारनाथ पैदल मार्ग को पूरी तरह बहाल करने के लिए 14 श्रमिकों को मलबा हटाने के कार्य में लगाया गया है। मार्ग को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाकर पूरी तरह चालू करने के प्रयास लगातार जारी हैं।

निष्कर्ष

उत्तराखंड में सक्रिय मानसून के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मसूरी-देहरादून मार्ग पर समय रहते राहत कार्य होने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले दिनों में भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं तथा लोगों से सुरक्षित यात्रा और मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *