स्थान: हल्द्वानी, नैनीताल
तारीख: 19 जुलाई 2026
हल्द्वानी के बेस अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब इलाज के लिए लाए गए एक घायल युवक के साथी पर इमरजेंसी वार्ड के बाहर दोबारा हमला कर दिया गया। अस्पताल परिसर में हुई इस घटना ने न केवल मरीजों और उनके परिजनों को दहशत में डाल दिया, बल्कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, ठंडी सड़क क्षेत्र में हुई मारपीट में घायल एक युवक को उपचार के लिए बेस अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि मारपीट में शामिल दूसरे पक्ष के कुछ युवक भी अस्पताल पहुंच गए और इमरजेंसी वार्ड के बाहर घायल युवक के साथ आए उसके साथी अनुज कुमार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मरीज, तीमारदार तथा अस्पताल कर्मियों में भय का माहौल बन गया।
घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में हमले के दौरान मची भगदड़ और लोगों में फैली दहशत स्पष्ट दिखाई दे रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद अस्पताल और आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग को जांच के लिए सुरक्षित कर लिया गया।
अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर हुई इस वारदात ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले लोगों को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए, लेकिन इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही हैं। स्थानीय लोगों ने अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने और सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है।
मामले को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक एवं सीओ सिटी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान कर रही है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर विधिक कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, अस्पताल में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के दौरान घटनास्थल पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जाएगी ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सके। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
निष्कर्ष
बेस अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के बाहर हुई इस घटना ने स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। पुलिस हमलावरों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है, जबकि आमजन और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत करने का दबाव बढ़ गया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस जल्द ही आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई कर सकती है।


