स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 20 जुलाई 2026
राजधानी देहरादून में राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई कथित अश्लील और अमर्यादित टिप्पणियों के मामले में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने मामले में पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून से अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
यह मामला उस समय सामने आया था जब एक राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर ‘पहाड़ प्रेमी राजेंद्र उत्तराखंडी’ नामक अकाउंट से कथित रूप से अश्लील, अभद्र और चरित्र पर सवाल उठाने वाली टिप्पणियां की गई थीं। मामला सार्वजनिक होने के बाद इसे लेकर व्यापक विरोध देखने को मिला और महिला संगठनों के साथ विभिन्न वर्गों ने भी आपत्ति जताई।
प्रकरण की जानकारी मिलते ही उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस द्वारा मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आयोग ने अब आगे की कानूनी प्रक्रिया की प्रगति जानने के लिए एसएसपी देहरादून से अद्यतन कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
कुसुम कण्डवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति या संगठन को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन विरोध की आड़ में महिलाओं के सम्मान और गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति अश्लील, अभद्र और अमर्यादित टिप्पणियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देती हैं।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि देश और उत्तराखंड में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी शासन, प्रशासन और विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है तथा राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण जैसी महत्वपूर्ण पहल भी लागू की गई है। ऐसे समय में महिलाओं का अपमान करने वाली मानसिकता समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करता है तो उसके विरुद्ध कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। आयोग इस मामले की प्रत्येक कानूनी प्रक्रिया पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
महिला आयोग ने कहा कि एसएसपी देहरादून से मांगी गई रिपोर्ट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मामले में की गई पुलिस कार्रवाई प्रभावी और निष्पक्ष हो तथा भविष्य में महिलाओं के खिलाफ इस प्रकार की अभद्र टिप्पणियां करने वालों के लिए कड़ा संदेश जाए। आयोग ने दोहराया कि महिलाओं की अस्मिता और सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निष्कर्ष
देहरादून में महिलाओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई कथित अभद्र टिप्पणियों के मामले में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की सक्रियता ने स्पष्ट कर दिया है कि महिलाओं की गरिमा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। आयोग ने पुलिस से विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगकर यह संकेत दिया है कि पूरे मामले की निगरानी की जाएगी और कानून के दायरे में दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के प्रयास जारी रहेंगे।


