स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 20 जुलाई 2026
बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी को लेकर उत्तराखंड की राजनीति लगातार गर्माती जा रही है। सोमवार को देहरादून स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बीकेटीसी (बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग करते हुए कहा कि नैतिकता के आधार पर बीकेटीसी अध्यक्ष को तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
गणेश गोदियाल ने कहा कि बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी मामले में अब तक सामने आए तथ्यों को देखते हुए निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है। उनका आरोप है कि मामले की जांच प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हेमंत द्विवेदी स्वयं इस्तीफा नहीं देते हैं, तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उन्हें तत्काल पद से हटाना चाहिए, ताकि साक्ष्यों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की आशंका समाप्त हो सके।
प्रेसवार्ता में गोदियाल ने दावा किया कि मामले में गिरफ्तार पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान ने जांच के दौरान यह बयान दिया है कि उन्हें कथित रूप से आरोपी प्रमोद नौटियाल से निर्देश मिलते थे और प्रमोद नौटियाल को बीकेटीसी अध्यक्ष से निर्देश प्राप्त होते थे। उन्होंने कहा कि यदि जांच में इस प्रकार के तथ्य सामने आए हैं तो इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होना आवश्यक है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इतने गंभीर मामले में अब तक सरकार की ओर से स्पष्ट और ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। उन्होंने पूछा कि बदरीनाथ धाम जैसे आस्था के केंद्र से जुड़े मामले पर मुख्यमंत्री की चुप्पी आखिर क्यों बनी हुई है। उनका कहना था कि पुराने मामलों का हवाला देकर वर्तमान विवाद से ध्यान नहीं हटाया जा सकता।
गणेश गोदियाल ने वर्ष 2022 के कुछ पुराने मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने सहकारिता विभाग में भर्ती, ऋण वितरण और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की थी। साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संबंधित विभागों में हुई कथित गड़बड़ियों और अपने ऊपर लगाए गए आरोपों की भी किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने का अनुरोध किया था, लेकिन अब तक उस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति को पहले भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते तराई बीज विकास निगम के अध्यक्ष पद से हटाया गया था, उसी व्यक्ति को बाद में बीकेटीसी अध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी गई। गोदियाल ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह सार्वजनिक मंच पर इस पूरे मुद्दे पर बहस के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जब वह बदरीनाथ धाम जाएंगे, तब बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को भी सार्वजनिक चर्चा के लिए आमंत्रित करेंगे।
इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश महामंत्री (संगठन) राजेंद्र भंडारी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, प्रवक्ता अभिनव थापर, राजेश चमोली तथा सोशल मीडिया विभाग के अमरजीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई।
निष्कर्ष
बदरीनाथ धाम के चढ़ावा प्रकरण को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज होते जा रहे हैं। एक ओर कांग्रेस सरकार और बीकेटीसी नेतृत्व पर सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा भी कांग्रेस के आरोपों का लगातार जवाब दे रही है। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। ऐसे में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यात्मक जांच की मांग लगातार जोर पकड़ रही है।


