स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 31 जुलाई 2026
डोईवाला क्षेत्र में नवविवाहिता एवं शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकरण में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए आयोग हर स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल तथा डोईवाला की क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा से दूरभाष पर बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच करने के निर्देश दिए तथा कहा कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
आयोग का कहना है कि अब तक सामने आए वीडियो, सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री और अन्य उपलब्ध तथ्यों से यह संकेत मिलता है कि पीड़िता को लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। यदि जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित सभी आरोपियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कुसुम कंडवाल ने कहा कि किसी भी महिला के साथ मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न बेहद गंभीर विषय है। यदि प्रताड़ना किसी व्यक्ति को इस स्थिति तक पहुंचा दे कि उसके जीवन पर संकट उत्पन्न हो जाए, तो ऐसे मामलों को पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ देखा जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस से मामले के प्रत्येक पहलू की गहन जांच करने और सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से परखने को कहा है।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने पीड़िता के परिजनों से भी फोन पर बातचीत कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य महिला आयोग इस कठिन समय में परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को किसी भी स्तर पर अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मामले की लगातार निगरानी की जाएगी। पुलिस प्रशासन से समय-समय पर जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी जाएगी ताकि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की ढिलाई न हो।
इस दौरान कुसुम कंडवाल ने प्रदेश की महिलाओं और बेटियों के नाम विशेष संदेश भी जारी किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला के साथ घर, कार्यस्थल या किसी अन्य स्थान पर मानसिक, शारीरिक या किसी भी प्रकार का उत्पीड़न हो रहा है तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए। समय रहते शिकायत दर्ज कराना आवश्यक है, क्योंकि अत्याचार को सहते रहना समस्या को और गंभीर बना देता है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी पीड़ित महिला को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। आयोग हर शिकायत को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय करेगा।
निष्कर्ष
सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत का मामला अब महिला आयोग की निगरानी में पहुंच गया है, जिससे निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है। आयोग ने पुलिस को गहन जांच के निर्देश देने के साथ प्रदेश की महिलाओं से भी अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है। अब इस बहुचर्चित मामले में सभी की निगाहें पुलिस जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हैं, जिससे पीड़िता के परिवार को न्याय मिलने की दिशा तय होगी।


