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मुख्यमंत्री धामी ने मुख्य सेवक सदन में सुनीं जन समस्याएं, अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के सख्त निर्देश

स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 31 जुलाई 2026

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के मुख्य सेवक सदन में आयोजित जनसुनवाई के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी शिकायतों का त्वरित, प्रभावी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के अलावा गढ़वाल मंडल आयुक्त और आईजी गढ़वाल को भी निर्देशित किया कि जन शिकायतों का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका समाधान कर लोगों को राहत पहुंचाना होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों का सरकार पर विश्वास तभी मजबूत होगा, जब उनकी शिकायतों का प्रभावी और शीघ्र समाधान होगा।

इस अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर केदारनाथ यात्रा एवं चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की सतत निगरानी, बेहतर प्रबंधन और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के कारण इस वर्ष यात्रा सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संचालित हो रही है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।

विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात प्रबंधन और अन्य मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यात्रा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक टीम की भी सराहना की।

इस दौरान विधायक भूपाल राम टम्टा ने भी प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर बुग्याल क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने स्थानीय हितों को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की और कहा कि बुग्याल उत्तराखंड की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय धरोहर हैं, जिनसे हजारों लोगों की आजीविका और पर्यटन गतिविधियां जुड़ी हुई हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय रोजगार, पर्यटन विकास और आजीविका के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं का क्रियान्वयन स्थानीय जनता के लिए लाभकारी साबित हो रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के संतुलित विकास और आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका निस्तारण किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ जनकल्याण, पारदर्शी प्रशासन और प्रभावी सेवा वितरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए प्रशासन को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।

निष्कर्ष

देहरादून में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर प्रशासन को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का स्पष्ट संदेश दिया। साथ ही चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं और बुग्याल क्षेत्रों के संरक्षण एवं विकास को लेकर जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। राज्य सरकार का फोकस जनसेवा, संतुलित विकास, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय हितों को साथ लेकर आगे बढ़ने पर केंद्रित है।

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