हरिद्वार | 06 अगस्त 2026
उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित कांवड़ मेला 2026 अपने चरम की ओर बढ़ रहा है। गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अब दो करोड़ 19 लाख 70 हजार से अधिक पहुंच चुकी है। इसी के साथ गुरुवार से डाक कांवड़ यात्रा की भी औपचारिक शुरुआत हो गई है। इस बार विशेष बात यह रही कि डाक कांवड़ वाहन महाशिवरात्रि से लगभग छह दिन पहले ही हरिद्वार पहुंचने लगे हैं, जबकि सामान्य तौर पर इनका संचालन शिवरात्रि से चार दिन पहले शुरू होता है।
कांवड़ियों की भारी भीड़ से हरिद्वार बना आस्था का केंद्र
हरिद्वार में लगातार पैदल कांवड़ियों का सैलाब उमड़ रहा है। हर की पैड़ी और अन्य प्रमुख घाटों से श्रद्धालु गंगाजल भरकर अपने राज्यों की ओर रवाना हो रहे हैं। प्रशासन के अनुसार अब तक दो करोड़ 19 लाख 70 हजार से अधिक कांवड़िए गंगाजल लेकर प्रस्थान कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ शहर में धार्मिक उत्साह और सुरक्षा व्यवस्थाएं भी लगातार मजबूत की जा रही हैं।
समय से पहले शुरू हुई डाक कांवड़, बढ़ा वाहनों का दबाव
इस वर्ष डाक कांवड़ यात्रा निर्धारित समय से पहले शुरू होने के कारण हरिद्वार-लक्सर मार्ग पर भारी संख्या में डाक कांवड़ वाहन पहुंचने लगे हैं। अचानक बढ़े वाहनों के दबाव से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और कई स्थानों पर लंबा जाम देखने को मिला। प्रशासन का मानना है कि आने वाले दिनों में डाक कांवड़ वाहनों की संख्या और अधिक बढ़ सकती है।
हरिद्वार-लक्सर मार्ग पर घंटों लगा जाम
डाक कांवड़ वाहनों की आवाजाही शुरू होने के बाद हरिद्वार-लक्सर रोड पर कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं। सबसे अधिक असर जगजीतपुर से जियापोता तक देखने को मिला, जहां सामान्य दिनों में 15 मिनट का सफर तय करने में लोगों को लगभग एक घंटे तक का समय लगा। निजी वाहनों के अलावा उत्तराखंड परिवहन निगम की कई रोडवेज बसें भी जाम में फंस गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बैरागी कैंप पार्किंग में भेजे जा रहे डाक कांवड़ वाहन
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने लक्सर की ओर से आने वाले डाक कांवड़ वाहनों को बैरागी कैंप पार्किंग में खड़ा कराना शुरू कर दिया है। पार्किंग क्षमता पूरी होने के बाद अन्य निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग किया जाएगा। पुलिस टीमें लगातार वाहनों को निर्धारित यातायात योजना के अनुसार दिशा-निर्देश दे रही हैं, ताकि मुख्य मार्गों पर दबाव कम किया जा सके।
प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शहर के प्रमुख चौराहों, संवेदनशील क्षेत्रों और हाईवे पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। ट्रैफिक पुलिस लगातार वाहनों की निगरानी कर रही है तथा डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो।
जगजीतपुर मेडिकल कॉलेज के पास जलभराव बना परेशानी का कारण
हरिद्वार के जगजीतपुर क्षेत्र में हाल ही में नई सीवर लाइन बिछाने का कार्य किया गया था, लेकिन सड़क की मरम्मत समय पर नहीं होने से कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भर गया है। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ कांवड़ियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालु पानी से भरे गड्ढों के बीच होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
एसपी सिटी ने क्या कहा?
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि लक्सर की ओर से आने वाले डाक कांवड़ वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर बैरागी कैंप पार्किंग में भेजा जा रहा है। यदि वहां क्षमता पूरी हो जाती है तो अन्य पार्किंग स्थलों का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में डाक कांवड़ वाहनों की संख्या और बढ़ने की संभावना है, इसलिए विभिन्न स्थानों पर पुलिस टीमें तैनात कर दी गई हैं, जो निर्धारित ट्रैफिक प्लान के अनुसार वाहनों का संचालन सुनिश्चित कर रही हैं।
निष्कर्ष
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा 2026 अब अपने सबसे व्यस्त दौर में प्रवेश कर चुकी है। दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के गंगाजल लेकर लौटने और डाक कांवड़ यात्रा शुरू होने से शहर में आस्था का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है। हालांकि बढ़ती भीड़ के कारण यातायात दबाव और स्थानीय समस्याएं भी सामने आ रही हैं। प्रशासन अतिरिक्त पुलिस बल, पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक डायवर्जन के माध्यम से हालात नियंत्रित रखने का प्रयास कर रहा है, ताकि कांवड़ यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।


