स्थान: विकासनगर/देहरादून एवं कोटद्वार, उत्तराखंड
तारीख: 06 अगस्त 2026
उत्तराखंड पुलिस ने अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ओर सहसपुर के चर्चित 65 लाख रुपये के भूमि धोखाधड़ी मामले में फरार चल रहे एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है, वहीं दूसरी ओर कोटद्वार में घरों की रेकी कर चोरी करने वाले संगठित गिरोह का भी पर्दाफाश किया है। दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
65 लाख रुपये की जमीन धोखाधड़ी में पुलिस को मिली बड़ी सफलता
देहरादून जिले के सहसपुर क्षेत्र में जमीन दिलाने के नाम पर 65 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में कोतवाली सहसपुर पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद इस मामले में अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून द्वारा जनपद में फरार एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
अप्रैल में दर्ज हुआ था मुकदमा
मामले की शुरुआत 5 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब हरबर्टपुर निवासी डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने कोतवाली सहसपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार रजनीश सैनी, वीरू, दीपक (पुत्र मदन सिंह) और दीपक (पुत्र सुरेश) ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और जमीन बेचने का झांसा देकर उनसे 65 लाख रुपये की ठगी कर ली।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया मुकदमा
प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं 318(4), 336(3), 338, 340(2), 351(3), 352 और 61(2) के तहत मुकदमा संख्या 77/2026 दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने दस्तावेजों, गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना आगे बढ़ाई।
दूसरे आरोपी को भी भेजा गया जेल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रजनीश सैनी को न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी वीरू की मृत्यु हो चुकी है।
इससे पहले पुलिस दीपक (पुत्र मदन सिंह) को 5 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी।
अब पुलिस ने दीपक (पुत्र स्वर्गीय सुरेश), उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम मेहुवाला खालसा, थाना विकासनगर को मेहुवाला खालसा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार सुद्धोवाला भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य कानूनी पहलुओं की भी जांच जारी है और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोटद्वार में चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
उधर पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में पुलिस ने घरों की रेकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए उसके सरगना सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई सोने-चांदी की ज्वैलरी, वारदात में प्रयुक्त स्कूटी तथा चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार भी बरामद किए हैं।
पहले करते थे रेकी, फिर देते थे चोरी की वारदात को अंजाम
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि गिरोह का सरगना राहत अली पहले संभावित मकानों की रेकी करता था। वह घर के सदस्यों की दिनचर्या, आने-जाने का समय और मकान के खाली रहने की जानकारी जुटाता था।
जब घर पूरी तरह खाली मिलता था, तब राहत अली घर में घुसकर चोरी करता था, जबकि उसके साथी अरुण और रिहान बाहर खड़े होकर निगरानी करते थे ताकि किसी के आने की स्थिति में तुरंत सूचना दी जा सके।
नशे की लत पूरी करने के लिए करते थे चोरी
पूछताछ में आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि चोरी से मिलने वाले सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान को बेचकर प्राप्त धनराशि का उपयोग वे अपनी नशे की लत पूरी करने में करते थे।
पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह का संबंध अन्य चोरी की घटनाओं से भी है या नहीं। बरामद सामान के आधार पर कई पुराने मामलों का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस कर रही है विस्तृत जांच
दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई आगे बढ़ा दी है। सहसपुर भूमि धोखाधड़ी मामले में वित्तीय लेन-देन और फर्जी दस्तावेजों की गहन जांच जारी है, जबकि कोटद्वार चोरी गिरोह से अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और संगठित अपराध, धोखाधड़ी तथा संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
निष्कर्ष
उत्तराखंड पुलिस की ताजा कार्रवाई ने एक ओर करोड़ों रुपये के भूमि धोखाधड़ी जैसे गंभीर आर्थिक अपराध में फरार आरोपियों पर शिकंजा कसने का काम किया है, वहीं दूसरी ओर कोटद्वार में सक्रिय चोरी के गिरोह का पर्दाफाश कर लोगों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में जांच अभी जारी है और यदि अन्य आरोपियों या नए तथ्यों का खुलासा होता है तो उनके विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


