स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 06 अगस्त 2026
उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को बड़ी राहत देने का फैसला लिया गया है। अब ऐसे मतदाताओं को नोटिसों के निस्तारण के लिए मतदान केंद्र या बूथ तक नहीं आना पड़ेगा। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) स्वयं उनके घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे और एसआईआर से संबंधित नोटिसों का निस्तारण सुनिश्चित करेंगे।
यह निर्णय मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसमें कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों के आयुक्तों तथा सभी जिलाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की हुई समीक्षा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेशभर में चल रहे एसआईआर अभियान की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में मतदाता सूची के शुद्धिकरण, नोटिसों के निस्तारण और विभिन्न प्रपत्रों के लंबित मामलों पर चर्चा की गई।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान किसी भी पात्र मतदाता को अनावश्यक परेशानी न हो और सभी प्रक्रियाएं पूरी पारदर्शिता एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप पूरी की जाएं।
बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को नहीं होगी परेशानी
बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांग मतदाताओं के मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरती जाए।
उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) से कहा कि जिन बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को एसआईआर के तहत नोटिस जारी किए गए हैं, उनके घर पर जाकर बीएलओ आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करें और वहीं पर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करें।
उन्होंने कहा कि ऐसे मतदाताओं को केवल दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बूथ या निर्वाचन कार्यालय बुलाना उचित नहीं होगा। इसलिए सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि फॉर्म-6 (नए मतदाता पंजीकरण), फॉर्म-7 (नाम विलोपन संबंधी आवेदन) और फॉर्म-8 (मतदाता विवरण संशोधन) के तहत प्राप्त सभी आवेदनों की नियमानुसार जांच कर उनका समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन का निष्पक्ष और तथ्यात्मक परीक्षण किया जाए, ताकि मतदाता सूची की शुद्धता बनी रहे और किसी पात्र मतदाता के अधिकार प्रभावित न हों।
पांच से अधिक आपत्तियों वाले मामलों की होगी विशेष जांच
डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि यदि किसी एक मतदाता की ओर से पांच से अधिक दावे या आपत्तियां दर्ज कराई जाती हैं, तो ऐसे मामलों की जांच निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) स्वयं करेंगे।
उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में विस्तृत सत्यापन के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता या दुरुपयोग की संभावना समाप्त हो सके।
मंडल आयुक्त करेंगे जिलों का निरीक्षण
एसआईआर अभियान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कुमाऊं मंडल आयुक्त दीपक रावत और गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप को अपने-अपने मंडलों के सभी जिलों का दौरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मंडल आयुक्त स्वयं जिलावार भ्रमण कर अभियान की सुपर चेकिंग करें और यह सुनिश्चित करें कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन हो रहा है।
पारदर्शी और सुगम प्रक्रिया पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि एसआईआर अभियान के दौरान पारदर्शिता, समयबद्धता और मतदाताओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग और अन्य जरूरतमंद मतदाताओं के मामलों का संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए ताकि उन्हें किसी प्रकार की प्रशासनिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान निर्वाचन आयोग ने बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बीएलओ अब घर-घर जाकर नोटिसों का निस्तारण करेंगे, जिससे वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को राहत मिलेगी। साथ ही अधिकारियों को आवेदन पत्रों के निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण तथा अभियान की सघन निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहे और मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध एवं त्रुटिरहित बने।


