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हल्द्वानी में कल गरजेंगे मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस की बड़ी जनसभा की तैयारियां पूरी; 20 हजार लोगों के जुटने का दावा

दिनांक: 7 अगस्त 2026
स्थान: हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखंड

उत्तराखंड की सियासत में शनिवार का दिन अहम रहने वाला है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 8 अगस्त को हल्द्वानी पहुंचेंगे, जहां रामलीला मैदान में उनकी प्रस्तावित जनसभा होगी। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस इस कार्यक्रम को बेहद महत्वपूर्ण मान रही है। पार्टी नेताओं का दावा है कि जनसभा में प्रदेशभर से कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचेंगे और इसमें 20 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी हो सकती है।

रामलीला मैदान में तैयारियों का जायजा

मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा को लेकर कांग्रेस ने हल्द्वानी में तैयारियां तेज कर दी हैं। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने शुक्रवार को रामलीला मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान मंच निर्माण, लोगों के बैठने की व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा, पेयजल, यातायात और कार्यकर्ताओं के स्वागत से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की गई। कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए पार्टी पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।

20 हजार से अधिक लोगों के पहुंचने का दावा

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा ऐतिहासिक होगी। उनके मुताबिक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक हल्द्वानी पहुंचेंगे और रैली में 20 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जनसभा को लेकर संगठन स्तर पर लगातार संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। जिला और ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं को भी अधिक से अधिक संख्या में लोगों को कार्यक्रम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।

2027 चुनाव के लिए संदेश देने की तैयारी

कांग्रेस नेताओं ने हल्द्वानी की जनसभा को केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम न बताते हुए इसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा है। यशपाल आर्या का कहना है कि इस जनसभा के जरिए कांग्रेस प्रदेश की जनता को राजनीतिक बदलाव का संदेश देगी।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता मौजूदा सरकार की नीतियों से परेशान है और बदलाव चाहती है। कांग्रेस आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर मजबूती से मैदान में उतरेगी।

भाजपा सरकार पर कांग्रेस का हमला

जनसभा से पहले कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार पर राजनीतिक हमले भी तेज कर दिए हैं। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री अपने लिए सुरक्षित विधानसभा सीट की तलाश कर रहे हैं।

वहीं, कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने उत्तराखंड में सामने आए पेपर लीक के मामलों को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हल्द्वानी की जनसभा में बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और प्रदेश के अन्य जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

प्रदेशभर से कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारी

कांग्रेस संगठन ने जनसभा को सफल बनाने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में संपर्क अभियान चलाया है। पार्टी पदाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों को कार्यक्रम स्थल तक लाने की जिम्मेदारी दी गई है।

जनसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ प्रदेश स्तरीय नेताओं की मौजूदगी भी प्रस्तावित है। पार्टी इसे आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने के अवसर के रूप में देख रही है।

राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने के संकेत

उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को अभी समय है, लेकिन प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की हल्द्वानी में होने वाली जनसभा को पार्टी की चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब शनिवार को होने वाली जनसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे अपने संबोधन में राज्य सरकार और भाजपा के खिलाफ किन मुद्दों को उठाते हैं और कांग्रेस के लिए क्या राजनीतिक रोडमैप सामने रखते हैं, इस पर राजनीतिक दलों और जनता की नजर रहेगी।

निष्कर्ष

हल्द्वानी की रामलीला मैदान में होने वाली मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा कांग्रेस के लिए संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का अहम पड़ाव मानी जा रही है। कांग्रेस जहां बड़ी भीड़ जुटाकर अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में है, वहीं भाजपा के खिलाफ भर्ती, पेपर लीक, बेरोजगारी और सरकार की नीतियों को लेकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश करेगी। शनिवार की जनसभा के बाद उत्तराखंड की सियासत में चुनावी गतिविधियों के और तेज होने के संकेत मिल सकते हैं।

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