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कुमाऊं के व्यापारियों से बोले मुख्यमंत्री धामी, उद्योग और व्यापार उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़

देहरादून/हल्द्वानी, 29 अगस्त 2026

हल्द्वानी में राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं मंडल के व्यापारियों, उद्योगपतियों और विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने व्यापार और औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए प्रतिनिधियों की समस्याएं और सुझाव सुने तथा उनके समाधान के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड के व्यापारी और उद्यमी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े उद्योगपतियों तक सभी राज्य की आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन और विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में कारोबार करने के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और सरल वातावरण तैयार किया जाए।

आईटीसी फॉर्च्यून में हुआ व्यापारी और उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद

हल्द्वानी स्थित आईटीसी फॉर्च्यून में आयोजित संवाद कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल के विभिन्न व्यापार मंडलों और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के सामने कई महत्वपूर्ण समस्याएं और सुझाव रखे।

व्यापारियों ने जीएसटी प्रक्रियाओं को और सरल बनाने, मंडी शुल्क से जुड़े मामलों, अतिक्रमण की समस्याओं, पार्किंग व्यवस्था, लीज नवीनीकरण तथा औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए।

इसके साथ ही स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और छोटे व्यापारियों तथा युवा उद्यमियों को अधिक अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान उत्तराखंड में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम किया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित की गई हैं। इन इकाइयों के माध्यम से करीब 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सोच उद्योगों के सामने बाधाएं खड़ी करने की नहीं, बल्कि उन्हें सहयोगी और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की है। सरकार चाहती है कि प्रदेश में नए उद्योग स्थापित हों, निवेश बढ़े और युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें।

सिंगल विंडो सिस्टम को किया गया मजबूत

मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम को लगातार मजबूत किया गया है, जिसके माध्यम से वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य निवेशकों और उद्यमियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से राहत देना और आवश्यक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी तथा सरल बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निवेश मित्र की व्यवस्था भी की गई है, जिससे कारोबार शुरू करने और उद्योगों से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाया जा सके।

कोविड काल में व्यापारियों की भूमिका को किया याद

मुख्यमंत्री ने संवाद के दौरान कोविड महामारी के कठिन दौर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि संकट के समय किराना व्यापारियों और रिटेल कारोबार से जुड़े लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आम जनता तक राशन और जरूरी सामान पहुंचाने का काम किया।

उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग देश और प्रदेश का एक मजबूत स्तंभ है। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को ब्रांड इंडिया का सच्चा राजदूत बताते हुए कहा कि भारतीय उत्पादों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में व्यापारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

युवाओं को उद्यमी बनाने पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाला बनाने की सरकार की सोच को भी दोहराया।

उन्होंने उत्तराखंड स्टार्टअप नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में युवाओं को उद्यमिता की ओर आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड का भी जिक्र किया गया, जिसका उद्देश्य नए और नवाचार आधारित उद्यमों को प्रोत्साहन देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि पर्वतीय क्षेत्रों के युवा अपने गांवों में रहकर भी आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था के माध्यम से देश और दुनिया के लिए कारोबार खड़ा कर सकें।

स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी

संवाद कार्यक्रम में स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की रणनीति पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मेड इन उत्तराखंड को एक मजबूत और भरोसेमंद ब्रांड के रूप में स्थापित करना है।

प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में तैयार होने वाले कृषि उत्पाद, हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद और अन्य स्थानीय वस्तुओं को बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इससे स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ ही पलायन को रोकने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

हल्द्वानी में कुमाऊं मंडल के व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह संवाद प्रदेश की व्यापारिक और औद्योगिक नीतियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। व्यापारियों की समस्याओं को सुनने के साथ मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार निवेश, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार कारोबारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में काम कर रही है।

29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयों की स्थापना और 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में औद्योगिक विकास की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। साथ ही स्टार्टअप नीति, 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड और स्थानीय उत्पादों को मेड इन उत्तराखंड ब्रांड के रूप में स्थापित करने की योजना से युवाओं और छोटे उद्यमियों के लिए नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है।

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