देहरादून, 3 सितंबर 2026
उत्तराखंड में घर बनाने और अन्य निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक रेत, बजरी, पत्थर और अन्य निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों से परेशान आमजन को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। राज्य सरकार और भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने निर्माण सामग्री की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए ‘यूके मिनरल मार्ट’ नाम से एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में तैयार किए गए इस पोर्टल को आगामी 7 सितंबर 2026 को आमजन के लिए समर्पित किए जाने की तैयारी है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से लोग घर बैठे अपने क्षेत्र में उपलब्ध निर्माण सामग्री के दामों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और विभिन्न विक्रेताओं से सीधे संपर्क भी कर सकेंगे।
बढ़ती कीमतों के बीच आमजन को मिलेगी राहत
उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों के दौरान निर्माण सामग्री की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। घर बनाने वाले लोगों को रेत, बजरी, पत्थर और अन्य खनन सामग्री खरीदने में भारी खर्च करना पड़ता है। कई बार लोगों को सही कीमत और गुणवत्तापूर्ण सामग्री की जानकारी भी आसानी से नहीं मिल पाती।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने खनिज प्रबंधन व्यवस्था में तकनीक का उपयोग बढ़ाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल की है। विभाग का मानना है कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से निर्माण सामग्री की उपलब्धता और कीमतों से जुड़ी जानकारी आमजन तक आसानी से पहुंच सकेगी।
‘खनन मित्र’ वेबसाइट के माध्यम से मिलेगा पोर्टल का लिंक
यूके मिनरल मार्ट पोर्टल तक पहुंचने के लिए आमजन को भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की खनन मित्र वेबसाइट के माध्यम से सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यहां से लोग यूके मिनरल मार्ट खोलकर अपने जिले और तहसील के अनुसार निर्माण सामग्री से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य निर्माण सामग्री की खरीद-बिक्री से जुड़े बाजार में अधिक पारदर्शिता लाना और उपभोक्ताओं को विभिन्न विकल्पों की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है।
जिला और तहसीलवार मिलेंगे निर्माण सामग्री के रेट
यूके मिनरल मार्ट पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि उपभोक्ताओं को जिला और तहसीलवार क्रशर तथा स्टॉकिस्ट के यहां उपलब्ध निर्माण सामग्री की जानकारी मिल सकेगी।
पोर्टल पर विभिन्न स्थानों पर मिलने वाली निर्माण सामग्री के दाम प्रदर्शित किए जाएंगे, जिससे आमजन अलग-अलग विक्रेताओं की कीमतों की जानकारी लेकर अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार खरीद का निर्णय ले सकेंगे।
इससे उपभोक्ताओं को बाजार में कीमतों की तुलना करने में आसानी होगी और निर्माण सामग्री खरीदने से पहले सही जानकारी प्राप्त हो सकेगी।
स्टॉकिस्ट और क्रशर संचालकों से सीधे कर सकेंगे संपर्क
पोर्टल पर संबंधित स्टॉकिस्ट और क्रशर संचालकों के संपर्क नंबर भी दर्ज किए जाने की व्यवस्था है। इसके माध्यम से उपभोक्ता सीधे विक्रेताओं से बातचीत कर सकेंगे।
लोग अपनी आवश्यकता के अनुसार निर्माण सामग्री की उपलब्धता, कीमत, मात्रा और परिवहन से संबंधित जानकारी सीधे संबंधित संचालक से प्राप्त कर सकेंगे। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होने और खरीद प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट बनाने की उम्मीद है।
ऐसे कर सकेंगे ‘यूके मिनरल मार्ट’ का उपयोग
सबसे पहले आमजन को भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की खनन मित्र वेबसाइट पर जाना होगा।
वेबसाइट के माध्यम से यूके मिनरल मार्ट पोर्टल तक पहुंचा जा सकेगा।
पोर्टल पर जिला और तहसीलवार क्रशर एवं स्टॉकिस्ट की जानकारी उपलब्ध होगी।
निर्माण सामग्री की कीमतों और उपलब्धता की जानकारी देखी जा सकेगी।
संबंधित स्टॉकिस्ट और क्रशर संचालकों के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध होंगे।
उपभोक्ता सीधे संपर्क कर निर्माण सामग्री की खरीद और उसके परिवहन के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
तकनीक से बदलेगी खनिज प्रबंधन व्यवस्था
भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग यूके मिनरल मार्ट को खनिज प्रबंधन व्यवस्था में तकनीक के उपयोग की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देख रहा है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से निर्माण सामग्री की जानकारी उपलब्ध होने से आमजन को सुविधा मिलने के साथ ही व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने की संभावना है।
निदेशक खनन राजपाल लेघा के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में यह कदम उठाया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को निर्माण सामग्री से जुड़ी आवश्यक जानकारी एक आसान और व्यवस्थित प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में 7 सितंबर से शुरू होने वाला यूके मिनरल मार्ट पोर्टल निर्माण सामग्री खरीदने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित हो सकता है। जिला और तहसीलवार कीमतों, क्रशर और स्टॉकिस्ट की जानकारी तथा सीधे संपर्क की सुविधा मिलने से लोगों को बेहतर विकल्प चुनने में मदद मिलेगी।
सरकार की इस पहल से निर्माण सामग्री के बाजार में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है और आमजन घर बैठे विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध सामग्री और उसके दामों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।


