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लाइक, कमेंट और लड़कियों को प्रभावित करने के लिए बना ‘फर्जी मेजर’, AI से तैयार की सेना की तस्वीरें, पुलिस ने किया गिरफ्तार

हल्द्वानी, नैनीताल | 3 सितंबर 2026

सोशल मीडिया पर लाइक, कमेंट और फॉलोअर्स बढ़ाने के साथ युवतियों को प्रभावित करने की चाहत एक युवक को भारी पड़ गई। हल्द्वानी में खुद को भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बताकर सोशल मीडिया पर फर्जी तस्वीरें और कथित फर्जी पहचान पत्र प्रदर्शित करने वाले युवक को नैनीताल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

मामले का खुलासा मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली सूचना के बाद हुआ। जांच में युवक के भारतीय सेना में अधिकारी होने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस और एसओजी की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

मिलिट्री इंटेलिजेंस ने पुलिस को दी सूचना

पुलिस के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने नैनीताल पुलिस की एसओजी टीम को सूचना दी थी कि रोहित सिंह मेहता नाम का एक युवक सोशल मीडिया पर खुद को भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बताकर तस्वीरें और पहचान पत्र प्रदर्शित कर रहा है।

सूचना में यह भी बताया गया कि युवक सेना की वर्दी में फोटो और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इसकी जांच शुरू की गई।

जांच में सेना से कोई संबंध नहीं मिला

प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने युवक की ओर से सोशल मीडिया पर की जा रही गतिविधियों और उसकी पहचान से संबंधित तथ्यों की पड़ताल की।

जांच में उसके भारतीय सेना में कार्यरत होने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद मामले को संवेदनशील मानते हुए नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने एसओजी टीम को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

मोबाइल लोकेशन के आधार पर पहुंची पुलिस

एसओजी प्रभारी मोहन सिंह सौन और उनकी टीम ने संबंधित मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर युवक की तलाश शुरू की।

पुलिस जांच में जानकारी मिली कि आरोपी हल्द्वानी क्षेत्र में बिरला ओपस पेंट के एक गोदाम में काम करता है। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने सोशल मीडिया पर इस्तेमाल की गई तस्वीरों और वीडियो के संबंध में जानकारी दी।

इंटरनेट से तस्वीरें लेकर AI से तैयार की फर्जी पहचान

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने इंटरनेट और सोशल मीडिया से भारतीय सेना के अधिकारियों की वर्दी से संबंधित तस्वीरें प्राप्त कीं।

इसके बाद उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का कथित तौर पर इस्तेमाल कर अपनी तस्वीरों को मॉर्फ कर सेना की वर्दी में तैयार किया।

आरोप है कि इन तस्वीरों में युवक खुद को भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर बताकर सोशल मीडिया पर प्रदर्शित करता था।

लड़कियों को प्रभावित करने और सोशल मीडिया फॉलोइंग बढ़ाने का आरोप

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए इस तरह की फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रहा था।

आरोप है कि युवक लाइक, कमेंट, व्यूज और सोशल मीडिया फॉलोअर्स बढ़ाने के साथ-साथ युवतियों को प्रभावित करने के उद्देश्य से खुद को सेना का अधिकारी बताता था।

सोशल मीडिया पर सेना की वर्दी और अधिकारी की पहचान का कथित रूप से गलत इस्तेमाल किए जाने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया।

दो मोबाइल फोन और कथित फर्जी आर्मी आईडी बरामद

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा आधार कार्ड, पैन कार्ड, सेना के अधिकारी की वर्दी में फोटो और वीडियो तथा फर्जी प्रतीत होने वाला आर्मी पहचान पत्र भी बरामद किया गया है।

बरामद डिजिटल सामग्री और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल में जुटी हुई है।

एसएसपी ने दी कार्रवाई की जानकारी

नैनीताल की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजू नाथ टीसी के अनुसार मिलिट्री इंटेलिजेंस की ओर से जनपद पुलिस को सूचना दी गई थी कि एक व्यक्ति फर्जी पहचान पत्र तैयार कर सोशल मीडिया पर पैरा कमांडो से संबंधित फोटो अपलोड कर रहा है।

सूचना के आधार पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी फोटो और वीडियो के माध्यम से महिलाओं को प्रभावित करने का प्रयास करता था।

फर्जी पहचान और धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय सेना के अधिकारी का प्रतिरूपण करने, फर्जी पहचान प्रदर्शित करने और धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों में हल्द्वानी कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है और पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान का बढ़ता खतरा

यह मामला सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को प्रभावित करने की बढ़ती प्रवृत्ति को भी सामने लाता है। आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से तस्वीरों और वीडियो में बदलाव कर किसी भी व्यक्ति की अलग पहचान तैयार की जा सकती है।

ऐसे मामलों में सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को किसी व्यक्ति की वर्दी, पद या पहचान देखकर तुरंत विश्वास करने के बजाय उसकी जानकारी की पुष्टि करना आवश्यक है।

निष्कर्ष

हल्द्वानी में सामने आया फर्जी मेजर का मामला सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल और आधुनिक तकनीक के दुरुपयोग का गंभीर उदाहरण है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने इंटरनेट और AI की मदद से सेना की वर्दी वाली तस्वीरें तैयार कर खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताने का प्रयास किया।

लाइक, कमेंट और सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के साथ युवतियों को प्रभावित करने की कथित कोशिश अब आरोपी के लिए कानूनी कार्रवाई का कारण बन गई है। नैनीताल पुलिस की कार्रवाई ने स्पष्ट किया है कि सेना, सरकारी संस्थानों या किसी जिम्मेदार पद की फर्जी पहचान बनाकर लोगों को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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