देहरादून | 3 सितंबर 2026
उत्तराखंड कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी मतभेद और गुटबाजी की तस्वीर सामने आई है। देहरादून में कांग्रेस की संकल्प यात्रा के दौरान स्थानीय नेताओं की कथित अनदेखी से नाराज पार्टी नेत्री ने कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय पहुंचकर अपनी ही पार्टी के महानगर अध्यक्ष का पोस्टर फाड़ दिया। इस घटना के बाद कांग्रेस संगठन के भीतर समन्वय और एकजुटता को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
संकल्प यात्रा से नाराज हुईं कांग्रेस नेत्री
मामला देहरादून के कौलागढ़ क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां कांग्रेस की संकल्प यात्रा आयोजित की गई थी। इस यात्रा में कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत भी शामिल हुए।
लेकिन स्थानीय कांग्रेस नेताओं को यात्रा की जानकारी और कार्यक्रम में शामिल किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। ओबीसी विभाग की राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पिया थापा ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में आयोजित संकल्प यात्रा की जानकारी उन्हें पहले से नहीं दी गई।
स्थानीय नेताओं की अनदेखी का आरोप
पिया थापा का कहना है कि कौलागढ़ क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित होने के बावजूद उन्हें यात्रा के बारे में न तो जानकारी दी गई और न ही कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के गोरखा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष और स्थानीय निवासी अनिल बस्नेत को भी यात्रा के संबंध में उचित जानकारी नहीं दी गई।
स्थानीय नेताओं की कथित अनदेखी से नाराज पिया थापा ने कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।
महानगर अध्यक्ष का पोस्टर फाड़कर जताया विरोध
आरोपों और नाराजगी के बीच पिया थापा ने कांग्रेस भवन में पार्टी के महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर गोगी का पोस्टर फाड़कर अपना विरोध जताया।
अपनी ही पार्टी के नेता का पोस्टर फाड़े जाने की घटना के बाद कांग्रेस भवन में कुछ समय के लिए राजनीतिक माहौल गरमा गया। इस पूरे घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सामने ला दिया।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी संगठन की चुनौती
उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। ऐसे समय में कांग्रेस के भीतर स्थानीय स्तर पर सामने आने वाले मतभेद पार्टी नेतृत्व के लिए चिंता का विषय बन सकते हैं।
राजनीतिक रूप से कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ वरिष्ठ नेताओं, स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की चुनौती भी है।
पार्टी के भीतर समय-समय पर सामने आने वाली गुटबाजी और नाराजगी की घटनाएं विपक्ष के लिए भी कांग्रेस को घेरने का मुद्दा बन सकती हैं।
कांग्रेस ने दी सफाई, कहा छोटे-मोटे मतभेद स्वाभाविक
इस पूरे मामले पर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पूरी तरह तैयार है और प्रदेश नेतृत्व एकजुट होकर चुनावी तैयारी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व भी उत्तराखंड को गंभीरता से ले रहा है और संगठन आगामी चुनावों को लेकर अपनी रणनीति पर काम कर रहा है।
मामले का संज्ञान लेगी पार्टी
शीशपाल बिष्ट ने कहा कि इतने बड़े राजनीतिक संगठन में कार्यकर्ताओं के बीच छोटे-मोटे मतभेद या मनमुटाव होना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यकर्ता द्वारा दूसरे नेता का पोस्टर फाड़े जाने की घटना सामने आई है तो पार्टी इस मामले का संज्ञान लेगी। संगठन के भीतर यदि कहीं कोई समस्या या मतभेद है तो उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
एकजुटता का दावा, लेकिन घटना ने खड़े किए सवाल
कांग्रेस भले ही आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठन और नेतृत्व के पूरी तरह एकजुट होने का दावा कर रही हो, लेकिन देहरादून में सामने आई यह घटना पार्टी के अंदरूनी हालात पर सवाल खड़े करती है।
संकल्प यात्रा जैसे महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम में स्थानीय नेताओं की कथित अनदेखी को लेकर पैदा हुई नाराजगी और उसके बाद सार्वजनिक रूप से पोस्टर फाड़कर विरोध किए जाने से संगठनात्मक समन्वय की कमी भी चर्चा में आ गई है।
निष्कर्ष
देहरादून में अपनी ही पार्टी के महानगर अध्यक्ष का पोस्टर फाड़कर विरोध जताने की घटना ने उत्तराखंड कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। पिया थापा द्वारा स्थानीय नेताओं की अनदेखी का आरोप लगाए जाने के बाद पार्टी नेतृत्व के सामने मतभेदों को दूर करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
कांग्रेस ने इसे कार्यकर्ताओं के बीच सामान्य मनमुटाव बताते हुए मामले का संज्ञान लेने की बात कही है। लेकिन 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर एकजुट बनाए रखना होगी।


