देहरादून, उत्तराखंड | 4 सितंबर 2026
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा व्यवस्था में कथित सेंध लगाने के आरोप में कैंट कोतवाली पुलिस ने महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत छह कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार कांग्रेस नेताओं पर सुरक्षा व्यवस्था का उल्लंघन करने, बैरिकेडिंग पार करने और पुलिस के निर्देशों की अनदेखी करते हुए मुख्यमंत्री आवास के हाई सिक्योरिटी क्षेत्र तक पहुंचने का आरोप है। यह मामला उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय से जुड़े निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों के छात्रों के प्रदर्शन के दौरान सामने आया।
आयुर्वेदिक कॉलेजों के छात्रों के समर्थन में पहुंचे थे कांग्रेस नेता
जानकारी के अनुसार उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय से जुड़े निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों के छात्र परीक्षा कराने और परिणाम जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
बताया गया कि छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए बुधवार देर रात कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर पहुंच गए।
पुलिस के अनुसार इस दौरान महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश सचिव सागर मनवाल, विनीत प्रसाद भट्ट, पार्षद रॉबिन त्यागी, आयुष गुप्ता और परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल मौजूद थे।
कई स्थानों पर की गई थी बैरिकेडिंग
मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए हाथीबड़कला और एनेक्सी बैरियर समेत कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी।
पुलिस का आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए बैरियर और पुलिस द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद प्रदर्शनकारी तीन वाहनों से आगे बढ़ते रहे।
आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर मुख्यमंत्री आवास के गेट नंबर-2 तक पहुंचने का प्रयास किया।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर नारेबाजी और प्रदर्शन का आरोप
पुलिस के अनुसार मुख्यमंत्री आवास के गेट नंबर-2 के पास पहुंचने के बाद देर रात नारेबाजी और प्रदर्शन किया गया।
मुख्यमंत्री आवास का क्षेत्र हाई सिक्योरिटी जोन में शामिल होने के कारण पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में घटना की जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
पुलिसकर्मियों के पास से वाहन आगे बढ़ाने का भी आरोप
मामले में पुलिस ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों में शामिल एक वाहन चालक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के पास से वाहन को कथित रूप से जबरन आगे बढ़ा दिया।
पुलिस का दावा है कि इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बाद में अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास के बाहर से हटाया गया।
कैंट कोतवाली में दर्ज हुआ मुकदमा
कैंट कोतवाली पुलिस ने एसएसआई रवींद्र सिंह नेगी की शिकायत के आधार पर मामले में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस ने महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश सचिव सागर मनवाल, विनीत प्रसाद भट्ट, पार्षद रॉबिन त्यागी, आयुष गुप्ता और परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल को नामजद किया है।
पुलिस के अनुसार मुकदमा सुरक्षा व्यवस्था का उल्लंघन करने, बैरिकेडिंग पार करने और पुलिस के निर्देशों की कथित अनदेखी करने के आरोपों के आधार पर दर्ज किया गया है।
पुलिस कर रही मामले की आगे की जांच
कैंट कोतवाली पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि प्रदर्शनकारियों ने किन परिस्थितियों में सुरक्षा बैरियर पार किए और घटना के दौरान कौन-कौन लोग शामिल थे।
घटना से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कैंट कोतवाली प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट के अनुसार एसएसआई रवींद्र सिंह नेगी की शिकायत पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले में जांच जारी है।
छात्रों की मांग और राजनीतिक समर्थन से बढ़ा मामला
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय से जुड़े निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों के छात्रों की परीक्षा और परिणाम जारी करने की मांग को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन राजनीतिक समर्थन मिलने के बाद चर्चा का विषय बन गया।
कांग्रेस नेताओं के मुख्यमंत्री आवास की ओर पहुंचने और वहां प्रदर्शन करने के आरोपों के बाद मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है।
यह घटना राजधानी में हाई सिक्योरिटी क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था और विरोध प्रदर्शन के दौरान निर्धारित नियमों के पालन को लेकर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
निष्कर्ष
देहरादून में मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े इस मामले में महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत छह कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर हाई सिक्योरिटी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का उल्लंघन किया और पुलिस के निर्देशों की अनदेखी की। वहीं पूरा मामला आयुर्वेदिक कॉलेजों के छात्रों के प्रदर्शन को समर्थन देने के दौरान सामने आया।
फिलहाल कैंट कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


