देहरादून | 8 सितंबर 2026
अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर तिरंगा फहराकर उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाले दो नन्हे पर्वतारोही देहरादून पहुंचे। अल्मोड़ा के चीनाखान निवासी नौ वर्षीय मास्टर रियांश पंत और नैनीताल जिले के बैलपड़ाव निवासी 10 वर्षीय प्रिशा रावत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की।
दोनों बाल पर्वतारोहियों ने 22 अगस्त 2026 को समुद्र तल से 5,895 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माउंट किलिमंजारो का सफल आरोहण किया था। चोटी पर पहुंचकर दोनों ने तिरंगा फहराया और अपनी इस उपलब्धि से उत्तराखंड को गौरवान्वित किया।
कम उम्र में हासिल की बड़ी उपलब्धि
रियांश पंत और प्रिशा रावत की उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि दोनों ने बेहद कम उम्र में माउंट किलिमंजारो जैसी चुनौतीपूर्ण पर्वत चोटी को फतह किया है।
22 अगस्त को सफल आरोहण के बाद दोनों ने चोटी पर तिरंगा फहराया। उनकी इस उपलब्धि की जानकारी सामने आने के बाद उत्तराखंड में भी उन्हें बधाई देने का सिलसिला शुरू हुआ।
मुख्यमंत्री ने बच्चों का बढ़ाया हौसला
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के दौरान दोनों नन्हे पर्वतारोहियों ने अपनी उपलब्धि साझा की। मुख्यमंत्री ने रियांश और प्रिशा को इस सफलता के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी कम उम्र में माउंट किलिमंजारो जैसी कठिन चोटी पर सफलतापूर्वक पहुंचना दोनों बच्चों के साहस, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि रियांश और प्रिशा ने अपनी उपलब्धि से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने दोनों पर्वतारोही
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों बच्चों की सफलता प्रदेश के अन्य बच्चों और युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा और साहस की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि राज्य के युवा पर्वतारोहण, खेल और अन्य साहसिक गतिविधियों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। अपनी प्रतिभा के दम पर वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की पहचान मजबूत कर रहे हैं।
साहसिक खेलों को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां साहसिक खेलों और पर्वतारोहण के लिए अनुकूल हैं। ऐसे में प्रदेश के युवाओं को इन क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है।
रियांश और प्रिशा की उपलब्धि से बढ़ा प्रदेश का गौरव
अल्मोड़ा और नैनीताल से ताल्लुक रखने वाले इन दोनों नन्हे पर्वतारोहियों ने अपनी मेहनत और हौसले से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। महज नौ और 10 वर्ष की उम्र में 5,895 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंचना उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
माउंट किलिमंजारो पर तिरंगा फहराने के बाद अब मुख्यमंत्री से हुई उनकी मुलाकात ने इस उपलब्धि को और खास बना दिया है।
निष्कर्ष
रियांश पंत और प्रिशा रावत की माउंट किलिमंजारो विजय उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। कम उम्र में दोनों ने जिस साहस और आत्मविश्वास का परिचय दिया है, वह प्रदेश के दूसरे बच्चों और युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री की ओर से मिले प्रोत्साहन से इन नन्हे पर्वतारोहियों का हौसला और बढ़ा है।


