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पूर्व कर्मचारी को घर बुलाकर बंधक बनाने का आरोप, तमंचे की धमकी देकर 10 लाख रुपये लेने का मुकदमा

देहरादून | 8 सितंबर 2026

देहरादून के वसंत विहार थाना क्षेत्र में पूर्व कर्मचारी को कथित तौर पर बंधक बनाकर मारपीट करने, तमंचा दिखाकर धमकाने और उसके परिजनों से 10 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर कराने का मामला सामने आया है। सीजेएम फर्स्ट देहरादून न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने पूर्व कर्मचारी हिमांशु कुमार सिंह की शिकायत पर उसके पूर्व मालिक गंभीर सिंह चौहान, उनकी पत्नी मंजू सिंह चौहान और बेटी अनुप्रिया चौहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

नौकरी छोड़ने के बाद शुरू हुआ विवाद

शिकायतकर्ता हिमांशु कुमार सिंह के मुताबिक, वह करीब डेढ़ वर्ष तक गंभीर सिंह चौहान के यहां मुंशी के तौर पर काम करता था। करीब आठ महीने नौकरी करने के बाद उसने काम छोड़ दिया और सब्जी बिक्री का कारोबार शुरू कर दिया।

हिमांशु का आरोप है कि 11 नवंबर 2024 को गंभीर सिंह ने उसे बातचीत के लिए शास्त्री नगर स्थित अपने घर बुलाया था। वहां उस पर ग्राहक तोड़ने और कारोबार को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कथित तौर पर मारपीट की गई। इसके बाद उसे घर के शौचालय में बंद कर दिया गया।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हिमांशु को करीब आठ दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसे पहाड़ से नीचे फेंकने और जान से मारने की धमकी भी दी गई।

पिता को फोन कर तीन बार कराई रकम ट्रांसफर

हिमांशु ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसे छोड़ने के बदले 10 लाख रुपये की मांग की गई। आरोप है कि गंभीर सिंह के मोबाइल फोन से उसके पिता को कॉल कराया गया और रकम देने के लिए दबाव बनाया गया।

पीड़ित के अनुसार, परिवार ने डर के चलते एचडीएफसी और एसबीआई खातों से तीन अलग-अलग आरटीजीएस के जरिए रकम ट्रांसफर की। इनमें 2 लाख रुपये, 6 लाख 10 हजार रुपये और 1 लाख 90 हजार रुपये शामिल थे। शिकायत के मुताबिक यह रकम गंभीर सिंह और उनकी बेटी अनुप्रिया के बैंक खातों में भेजी गई।

तमंचा दिखाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने का भी आरोप

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि बंधक बनाए रखने के दौरान उसकी कनपटी पर तमंचा लगाकर सादे कागज और स्टांप पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए। उसके वीडियो बनाए जाने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है।

हिमांशु के मुताबिक, 19 नवंबर 2024 को वह अपने परिजनों के साथ वसंत विहार थाने पहुंचा और पूरे मामले की शिकायत की। इसके बाद उसने एसएसपी कार्यालय और मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि वहां से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।

दोनों पक्षों के बीच पहले से चल रहा है कानूनी विवाद

यह मामला केवल बंधक बनाने और रकम लेने के आरोप तक सीमित नहीं है। दोनों पक्षों के बीच पहले से ही कारोबार और पैसों को लेकर विवाद चल रहा है।

दिसंबर 2024 में गंभीर सिंह चौहान की ओर से हिमांशु कुमार सिंह, उसके पिता ऋषि कुमार सिंह और भाई शिवांशु सिंह के खिलाफ वसंत विहार थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया था।

गंभीर सिंह ने आरोप लगाया था कि उनके यहां मुंशी के रूप में काम करने के दौरान हिमांशु मंडी से उनके नाम पर सब्जी खरीदता था और दुकानदारों से रकम भी वसूलता था। आरोप था कि इस दौरान करीब 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।

पुलिस ने इस मामले की जांच पूरी करने के बाद वर्ष 2025 में भारतीय दंड संहिता की धारा 406 और 420 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी।

पूर्व मालिक ने कहा- आरोप बेबुनियाद, जांच में रखेंगे अपना पक्ष

दूसरी ओर गंभीर सिंह चौहान ने हिमांशु की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि हिमांशु उनके यहां रहकर सब्जी कारोबार से जुड़े कामकाज की जिम्मेदारी संभालता था और उनकी गैरमौजूदगी में मंडी का लेनदेन भी वही देखता था।

गंभीर सिंह के मुताबिक, बाहर से वापस लौटने के बाद कारोबार में करीब 25 से 30 लाख रुपये का नुकसान सामने आया था। इसी मामले को लेकर हिमांशु और उसके परिवार से पैसों के संबंध में बातचीत की गई थी।

उन्होंने मारपीट या बंधक बनाने के आरोपों से इनकार किया है। गंभीर सिंह ने यह भी कहा कि रकम वापस करने को लेकर हिमांशु के पिता से बातचीत हुई थी। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ रकम उनके, उनकी पत्नी और बेटी के बैंक खातों में ट्रांसफर हुई थी, लेकिन उन्होंने इसे शिकायत में लगाए गए आरोपों का प्रमाण मानने से इनकार किया।

गंभीर सिंह का कहना है कि लगाए गए सभी आरोप गलत हैं और वह पुलिस की जांच में अपना पक्ष रखते हुए पूरा सहयोग करेंगे।

अब बैंक लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की होगी जांच

कोर्ट के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज होने से मामले की पुलिस जांच आगे बढ़ गई है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों और दोनों पक्षों के पुराने विवाद की कड़ियों को जांचेगी।

जांच के दौरान बैंक खातों में हुए आरटीजीएस लेनदेन, कथित तमंचे, सादे कागज और स्टांप पेपर पर कराए गए हस्ताक्षर, वीडियो तथा अन्य संभावित साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। पुलिस यह भी देखेगी कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि किन साक्ष्यों से होती है।

पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का पक्ष:
सीजेएम फर्स्ट देहरादून कोर्ट के आदेश पर वसंत विहार थाने में हिमांशु कुमार सिंह की शिकायत के आधार पर गंभीर सिंह चौहान, मंजू सिंह चौहान और अनुप्रिया चौहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

— अंकित कंडारी, सीओ सदर, देहरादून

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