स्थान: केदारनाथ धाम, जिला रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड
दिनांक: 3 अक्टूबर 2026
केदारनाथ धाम में मंदिर मार्ग पर संचालित अस्थायी दुकानों को हटाने की कार्रवाई ने शनिवार को विवाद का रूप ले लिया। प्रशासन और पुलिस की टीम द्वारा दुकानों को हटाए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में व्यापारी हेलीपैड पर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। व्यापारियों के प्रदर्शन के चलते धाम में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान हेलीकॉप्टर सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
व्यापारियों ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए अपनी आजीविका का हवाला दिया और मामले में बातचीत की मांग उठाई। वहीं प्रशासन का कहना है कि मंदिर मार्ग पर अतिक्रमण के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही और धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों में बाधा आ रही है।
दुकानें हटाने पहुंची प्रशासन की टीम, व्यापारियों ने जताया विरोध
जानकारी के अनुसार, शनिवार को प्रशासन और पुलिस की टीम केदारनाथ मंदिर मार्ग पर पहुंची और वहां संचालित अस्थायी दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई की जानकारी मिलते ही दुकानदारों में नाराजगी बढ़ने लगी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में व्यापारी एकत्र हो गए और विरोध जताते हुए हेलीपैड की ओर पहुंच गए। यहां व्यापारियों ने धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन से बातचीत करने की मांग उठाई। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के सामने भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई।
व्यापारियों ने कहा- दुकानों से चलता है परिवार का खर्च
धरने पर बैठे व्यापारियों का कहना है कि वे लंबे समय से केदारनाथ धाम में अस्थायी दुकानें लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
यात्रा सीजन के दौरान होने वाली कमाई ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में अचानक दुकानों को हटाए जाने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
व्यापारियों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए प्रशासन से अपनी समस्याओं पर बातचीत करने और समाधान निकालने की मांग की। उनका कहना है कि उनकी आजीविका को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाना चाहिए।
हेलीपैड पर धरने से हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रभावित
व्यापारियों के हेलीपैड पर धरना देने के कारण वहां की व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं। प्रदर्शन के चलते हेलीकॉप्टर सेवाओं पर भी असर पड़ा, जिससे प्रशासन के सामने स्थिति सामान्य बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई।
प्रशासनिक अधिकारी व्यापारियों से बातचीत कर विरोध समाप्त कराने और धाम में व्यवस्था बहाल करने के प्रयास में जुटे रहे। हालांकि, व्यापारी अपनी मांगों को लेकर विरोध पर डटे रहे।
इस घटनाक्रम के बाद केदारनाथ धाम में अस्थायी दुकानों को हटाने का मामला अब प्रशासन और व्यापारियों के बीच विवाद का विषय बन गया है।
जिलाधिकारी ने बताई अतिक्रमण हटाने की वजह
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि केदारनाथ मंदिर मार्ग पर अतिक्रमण के कारण श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि मार्ग पर अव्यवस्थित तरीके से संचालित दुकानों के चलते धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्य भी प्रभावित होते हैं। प्रशासन का प्रयास है कि यात्रियों की आवाजाही सुचारू रहे और निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
जिलाधिकारी के अनुसार, व्यापारियों को प्रशासन की कार्रवाई के कारणों से अवगत कराया जा रहा है और उन्हें समझाकर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
निष्कर्ष
केदारनाथ धाम में अस्थायी दुकानों को हटाने की कार्रवाई के बाद शुरू हुआ व्यापारियों का विरोध अब प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। एक ओर व्यापारी अपनी आजीविका को लेकर चिंतित हैं, वहीं प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात व्यवस्था और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए अतिक्रमण हटाने की बात कह रहा है।
फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में प्रशासन और व्यापारियों के बीच होने वाली वार्ता से इस विवाद की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।


