रुड़की/भगवानपुर, 3 अक्टूबर 2026
हरिद्वार जिले के भगवानपुर में हुए आदित्य राणा हत्याकांड का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुराने विवाद के चलते युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में पिता और उसके दो बेटे शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया 315 बोर का अवैध तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। पुलिस जांच के अनुसार, आदित्य राणा का एक आरोपी के साथ पहले से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते हत्या की वारदात को अंजाम दिए जाने की बात सामने आई है।
पुराने विवाद ने लिया खूनी रूप, गोली मारकर की गई थी हत्या
भगवानपुर कोतवाली पुलिस के मुताबिक, 1 अक्टूबर को सागर पुत्र रविंद्र राणा निवासी भगवानपुर ने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि अनिल शर्मा पुत्र रामपाल, उसके बेटे राहुल शर्मा और रोहित शर्मा उर्फ लक्की निवासी प्रताप कॉलोनी, भगवानपुर ने उसके भाई आदित्य उर्फ आदि राणा को देसी तमंचे से गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक आदित्य राणा और रोहित शर्मा के बीच पहले से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार, इसी विवाद को खत्म करने के बहाने आरोपियों ने आदित्य को अपने घर बुलाया था।
बातचीत के दौरान बढ़ा विवाद, फिर चली गोली
पुलिस की जांच के अनुसार, 1 अक्टूबर को आदित्य राणा आरोपियों के घर पहुंचा था। वहां बातचीत के दौरान पुराना विवाद एक बार फिर बढ़ गया।
आरोप है कि इसी दौरान अनिल शर्मा और उसके दोनों बेटों राहुल व रोहित ने मिलकर आदित्य पर देसी तमंचे से गोली चला दी। गोली लगने से आदित्य की मौत हो गई। वारदात के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए भगवानपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रितेश साह के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए चार अलग-अलग टीमों का गठन किया।
सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता
हत्याकांड के खुलासे के लिए गठित पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही आरोपियों के संभावित भागने के रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई और संदिग्धों से संबंधित जानकारियां जुटाई गईं।
पुलिस ने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया। लगातार जांच और तलाश के दौरान पुलिस को आरोपियों के ठिकाने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने इमली रोड टोल प्लाजा के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
हत्या में इस्तेमाल तमंचा और खोखा कारतूस बरामद
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में तीनों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया 315 बोर का अवैध तमंचा और एक खोखा कारतूस भी बरामद किया है।
पुलिस अब तीनों आरोपियों के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी है। मामले में बरामद हथियार और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
फाइनेंसर रोहित शर्मा के साथ था पुराना विवाद
भगवानपुर के सीओ सुमित पांडे के अनुसार, आदित्य राणा का फाइनेंसर रोहित शर्मा के साथ पहले किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी पुरानी रंजिश के चलते आदित्य की हत्या किए जाने की बात जांच में सामने आई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
भगवानपुर में आदित्य राणा की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में वारदात के पीछे पुराना विवाद सामने आया है। पिता और दो बेटों की गिरफ्तारी के साथ हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी को पुलिस जांच में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर मामले की कार्रवाई जारी है।


