स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 3 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। नई सूची के अनुसार प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 71,58,949 रह गई है। वहीं, एसआईआर अभियान के दौरान 9 लाख 31 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
हालांकि, निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से छूटे ऐसे लोग, जो मतदान के लिए पात्र हैं, उन्हें दोबारा शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत 7 अक्टूबर से प्रदेशभर में एक महीने तक स्पेशल कैंप आयोजित किए जाएंगे। बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे और पात्र लोगों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 भरने में सहायता करेंगे।
एएसडीडी और अपात्र श्रेणी के मतदाताओं का होगा सत्यापन
एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों में बड़ी संख्या उन लोगों की है, जिन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक और डुप्लीकेट यानी एएसडीडी श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा कुछ नाम अपात्र श्रेणी में भी दर्ज किए गए हैं।
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार:
- एएसडीडी श्रेणी में कुल 8,26,977 मतदाता शामिल हैं।
- इनएलिजिबल श्रेणी में 97,186 मतदाताओं को रखा गया है।
- अंतिम मतदाता सूची में कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं।
इन श्रेणियों में शामिल लोगों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। यदि जांच के दौरान कोई व्यक्ति मतदाता बनने के योग्य पाया जाता है, तो उसका नाम सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
7 अक्टूबर से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ
भारत निर्वाचन आयोग ने 29 सितंबर को विशेष कैंप आयोजित करने के निर्देश जारी किए थे। इसी क्रम में उत्तराखंड में 7 अक्टूबर से एक महीने का अभियान शुरू होगा।
इस दौरान बीएलओ को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अधिकारी वर्तमान मतदाता सूची का एसआईआर से पहले की मतदाता सूची के साथ मिलान करेंगे। इस प्रक्रिया में ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी, जिनके नाम पुरानी सूची में मौजूद थे, लेकिन नई सूची में शामिल नहीं हैं।
चिन्हित मतदाताओं की अलग सूची तैयार कर बीएलओ उनके घर पहुंचेंगे और उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी लेंगे। सत्यापन में पात्र पाए जाने वाले लोगों को फॉर्म-6 भरने में सहायता दी जाएगी, ताकि उनका नाम दोबारा मतदाता सूची में दर्ज हो सके।
युवा और पहली बार वोट डालने वालों पर भी रहेगा ध्यान
विशेष अभियान में केवल पुराने मतदाताओं का ही सत्यापन नहीं होगा, बल्कि पहली बार मतदान करने के योग्य हुए युवाओं को भी शामिल करने पर जोर दिया जाएगा।
बीएलओ घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई पात्र नागरिक केवल जानकारी के अभाव या आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाने के कारण मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।
इसके साथ ही तैयार की गई सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ साझा की जाएगी। अभियान के अंतिम चरण में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) भी बूथवार सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएंगे, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
मजदूर बस्तियों और बेघर लोगों के लिए भी विशेष व्यवस्था
निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची में अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को शामिल करने के उद्देश्य से विशेष बूथ स्तरीय कैंप लगाने की योजना बनाई है।
इन कैंपों में खासतौर पर निम्न वर्गों तक पहुंचने पर ध्यान दिया जाएगा:
- नाइट शेल्टर में रहने वाले लोग।
- श्रमिक कॉलोनियों और अस्थायी बस्तियों में रहने वाले मजदूर।
- बेघर नागरिक।
- समाज के हाशिए पर रहने वाले लोग।
- ऐसे पात्र नागरिक, जिनका नाम किसी कारण से मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाया है।
इन विशेष शिविरों के माध्यम से लोगों को आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ फॉर्म-6 भरने में भी सहयोग किया जाएगा।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जुड़वा सकेंगे नाम
उत्तराखंड में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है। नागरिक अपना नाम और अन्य विवरण भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.voters.eci.gov.in तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड की वेबसाइट www.ceo.uk.gov.in पर देख सकते हैं।
इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) कार्यालय और संबंधित बीएलओ से भी मतदाता सूची की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं है, तो वह फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकता है। इसके लिए ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन या संबंधित बीएलओ के जरिए ऑफलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से भी मांगा सहयोग
उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की 29 सितंबर की नई गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश में एक महीने तक विशेष कैंप चलाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि एएसडीडी और इनएलिजिबल श्रेणी में रखे गए मतदाताओं की वास्तविक स्थिति की जांच की जाएगी। इसके लिए बीएलओ घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे।
उन्होंने राजनीतिक दलों से भी अपने बूथ लेवल एजेंटों को इस अभियान में शामिल करने की अपील की है, ताकि सत्यापन प्रक्रिया पारदर्शी रहे और किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के मन में किसी प्रकार की आशंका न रहे।
डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड
निष्कर्ष
उत्तराखंड में एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने के साथ ही अब छूटे हुए पात्र नागरिकों को जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। 7 अक्टूबर से प्रस्तावित विशेष अभियान के दौरान घर-घर सत्यापन, बूथ स्तरीय कैंप और फॉर्म-6 के माध्यम से नए नाम दर्ज किए जाएंगे।
निर्वाचन विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और आगामी चुनावों में मतदान के अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सके।


