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हरिद्वार महंत हत्याकांड में STF की बड़ी कार्रवाई, दो साल से फरार 50 हजार का इनामी प्रदीप चंडीगढ़ से गिरफ्तार

स्थान: देहरादून/हरिद्वार, उत्तराखंड
दिनांक: 12 अक्टूबर 2026

हरिद्वार के कनखल स्थित श्रद्धा भक्ति आश्रम में वर्ष 2024 में हुए महंत के शिष्य की हत्या के मामले में उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी प्रदीप को STF ने चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने अपना ठिकाना बदल लिया था और वहां छोटे मालवाहक वाहन के जरिए सामान की डिलीवरी का काम कर रहा था।

इस हत्याकांड में पुलिस पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। प्रदीप की गिरफ्तारी के साथ मामले में नामजद छह आरोपियों में से सभी के पकड़े जाने का रास्ता साफ हुआ है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहा था। उसकी तलाश में लगातार सुराग जुटाए जा रहे थे।


श्रद्धा भक्ति आश्रम में हुई थी 73 वर्षीय विशम्बर दास की हत्या

यह मामला हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र स्थित श्रद्धा भक्ति आश्रम का है। वर्ष 2024 में यहां गुरुजी महंत गोविन्द दास के शिष्य विशम्बर दास, जिनकी उम्र 73 वर्ष बताई गई है, की हत्या कर दी गई थी।

घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। इस संबंध में कनखल थाने में हत्या, साक्ष्य मिटाने, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

जांच आगे बढ़ने के साथ ही पुलिस के सामने इस वारदात में शामिल आरोपियों की भूमिका उजागर होने लगी। विवेचना के दौरान कुल छह आरोपियों के नाम सामने आए, जिनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्तर पर प्रयास किए गए।


चार आरोपियों को हरिद्वार पुलिस ने पकड़ा, पांचवां भी गिरफ्तार

हत्याकांड की जांच के दौरान हरिद्वार पुलिस ने चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद मामले में फरार चल रहे सौरभ उर्फ नीटू को STF ने 20 सितंबर 2026 को बागपत से गिरफ्तार किया था।

हालांकि, छठा आरोपी प्रदीप लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था। उसकी तलाश में कई प्रयास किए गए, लेकिन वह लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा।

आखिरकार STF को उसके चंडीगढ़ में होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने निगरानी और स्थानीय स्तर पर जुटाए गए इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।


घर की कुर्की के बाद भी नहीं लगा था आरोपी का सुराग

पुलिस से बचने के लिए फरार आरोपी प्रदीप लगातार ठिकाने बदल रहा था। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने उसके घर पर कुर्की की कार्रवाई भी की थी। इसके बावजूद आरोपी का पता नहीं चल पा रहा था।

लगातार फरार रहने के कारण उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसके बाद STF ने उसकी तलाश तेज करते हुए तकनीकी इनपुट के साथ मैनुअल पुलिसिंग और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने का अभियान चलाया।

इसी कार्रवाई के दौरान जांच टीम को आरोपी के चंडीगढ़ में होने की जानकारी मिली, जिसके आधार पर उसे पकड़ने की योजना तैयार की गई।


चंडीगढ़ में छोटा हाथी वाहन से कर रहा था सामान की डिलीवरी

STF की जांच में सामने आया कि प्रदीप चंडीगढ़ में रह रहा था और पंजाब क्षेत्र में छोटे मालवाहक वाहन, जिसे आम तौर पर ‘छोटा हाथी’ कहा जाता है, से सामान की डिलीवरी का काम कर रहा था।

आरोपी की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाने के बाद STF ने चंडीगढ़ में कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर लिया। इस तरह वर्ष 2024 के हत्याकांड में लंबे समय से फरार चल रहे इनामी आरोपी तक पुलिस पहुंचने में सफल रही।

STF के अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


इनामी और वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी

एसएसपी STF अजय सिंह ने बताया कि 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है। फरार आरोपियों की तलाश में सूचना तंत्र को सक्रिय रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।


निष्कर्ष

हरिद्वार के श्रद्धा भक्ति आश्रम में वर्ष 2024 में हुई विशम्बर दास की हत्या के मामले में प्रदीप की गिरफ्तारी को STF की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। लंबे समय से फरार आरोपी चंडीगढ़ में डिलीवरी का काम कर रहा था, लेकिन लगातार जुटाए जा रहे इनपुट के आधार पर पुलिस आखिरकार उस तक पहुंच गई।

फिलहाल आरोपी को जेल भेज दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि फरार और इनामी आरोपियों की तलाश में पुलिस का अभियान लगातार जारी है।

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