स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 12 अक्टूबर 2026
नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड का खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) अलर्ट हो गया है। कुट्टू के आटे में मिलावट और इसके सेवन से लोगों के बीमार पड़ने की घटनाओं को देखते हुए विभाग ने खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। अब कुट्टू का आटा खुले में बेचने के बजाय सीलबंद पैकेट में ही बेचना होगा। पैकेट पर लाइसेंस नंबर, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट जैसी जरूरी जानकारियां दर्ज होना भी अनिवार्य है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, निगरानी में लापरवाही सामने आने और जनहानि होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
नवरात्रि में कुट्टू और सिंघाड़े के आटे की बढ़ती मांग
नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं। इस दौरान फलाहार के साथ कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बने पकवानों का सेवन किया जाता है। मांग बढ़ने के कारण इन खाद्य पदार्थों की बिक्री भी तेजी से बढ़ जाती है।
इसी दौरान मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग के लिए अहम चुनौती बन जाता है। प्रशासन ने इसी को ध्यान में रखते हुए दुकानदारों को नियमों के मुताबिक ही कुट्टू का आटा बेचने के निर्देश दिए हैं।
पिछले साल आटा खाने से बीमार हुए थे कई लोग
मार्च 2025 में नवरात्रि के दौरान कुट्टू के आटे से बने खाद्य पदार्थों का सेवन करने के बाद कई लोगों के बीमार पड़ने का मामला सामने आया था। घटना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकानों और प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में कुट्टू का आटा नष्ट किया गया था।
इस घटना ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। इसके बाद विभाग ने खुले में कुट्टू का आटा बेचने पर रोक लगाने और पैकेटबंद आटे की बिक्री को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए।
खुले आटे की बिक्री पर रोक, पैकेट पर जरूरी जानकारी अनिवार्य
खाद्य सुरक्षा विभाग के निर्देशों के मुताबिक, कुट्टू का आटा बेचने वाले कारोबारियों को अब पैकेटबंद उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करनी होगी। पैकेट पर खाद्य कारोबार से संबंधित लाइसेंस नंबर, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए।
बिना लाइसेंस खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। विभाग का उद्देश्य बाजार में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखना और व्रत के दौरान लोगों को मिलावटी या असुरक्षित खाद्य सामग्री से बचाना है।
बाजार में 160 से बढ़कर 180 रुपये किलो हुआ कुट्टू का आटा
नियमों में सख्ती का असर बाजार में भी दिखाई दे रहा है। दुकानदारों के मुताबिक, अब कुट्टू का आटा मुख्य रूप से सीलबंद पैकेट में बेचा जा रहा है। कुछ दुकानदार साबुत कुट्टू भी उपलब्ध करा रहे हैं, ताकि ग्राहक उसे पिसवाकर इस्तेमाल कर सकें।
दुकानदार राजेश अग्रवाल के अनुसार, पैकेटबंद आटे की बिक्री के कारण कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां कुट्टू का आटा लगभग 160 रुपये प्रति किलो मिल रहा था, वहीं अब इसकी कीमत करीब 180 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
राजेश अग्रवाल का कहना है कि पैकेटबंद आटा बेचने से दुकानदारों को भी राहत मिली है। पिछले साल बीमारियों की घटनाओं के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी और कार्रवाई के चलते दुकानदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। अब निर्धारित नियमों के अनुसार पैकेटबंद आटा बेचने से उन्हें कुछ हद तक राहत महसूस हो रही है।
FDA ने दी चेतावनी, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर भारत सरकार से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में भी निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि कुट्टू के आटे के साथ व्रत में इस्तेमाल होने वाली अन्य खाद्य सामग्री की बिक्री भी निर्धारित नियमों के तहत की जानी चाहिए। खाद्य पदार्थों के पैकेट पर जरूरी विवरण दर्ज होना अनिवार्य है, जिससे उत्पाद की पहचान और उसकी वैधता की जानकारी मिल सके।
जग्गी ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निगरानी में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए गए हैं। यदि लापरवाही के कारण कोई गंभीर घटना या जनहानि होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष: श्रद्धालु भी बरतें सावधानी
नवरात्रि में कुट्टू के आटे की मांग बढ़ने के साथ खाद्य सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतना जरूरी है। प्रशासन ने दुकानदारों के लिए नियम सख्त किए हैं, लेकिन उपभोक्ताओं की सावधानी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
व्रत के लिए कुट्टू का आटा खरीदते समय सीलबंद पैकेट, लाइसेंस नंबर, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें। खुले या संदिग्ध गुणवत्ता वाले आटे को खरीदने से बचें। वहीं, दुकानदारों और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारण किसी की सेहत या जान को खतरा न हो।


