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देहरादून के निजी स्कूल में शिक्षक पर अनुचित स्पर्श के आरोप, 15 छात्राओं के हस्ताक्षर वाली शिकायत से मचा बवाल; पुलिस ने शुरू की जांच

स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 23 अक्टूबर 2026

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के एक निजी स्कूल में फिजिक्स शिक्षक पर छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले को लेकर छात्रा और उसके परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। परिवार का दावा है कि शिक्षक के व्यवहार को लेकर 15 छात्राओं के हस्ताक्षर वाला लिखित शिकायत पत्र प्रिंसिपल को सौंपा गया था। आरोप है कि शिकायत के बाद कार्रवाई का आश्वासन देने के बावजूद अगले दिन छात्रा को ही सवालों के घेरे में खड़ा किया गया।

मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब छात्रा और उसकी मां स्कूल पहुंचीं और शिकायत की रिसीविंग मांगी। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें स्कूल से बाहर जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा और बाद में पुलिस को बुला लिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले से जुड़े लोगों से बातचीत शुरू की।

15 छात्राओं के हस्ताक्षर वाला शिकायत पत्र देने का दावा

छात्रा के अनुसार, फिजिक्स शिक्षक लंबे समय से कक्षा की कुछ लड़कियों को अनुचित तरीके से छूते थे। उसने इस बारे में अपनी मां को जानकारी दी, जिसके बाद उसकी मां स्कूल पहुंचीं और प्रिंसिपल कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।

परिवार का कहना है कि शिकायत पत्र पर कुल 15 छात्राओं के हस्ताक्षर थे। छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने उसकी मां को शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने और बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिया था। परिवार के मुताबिक, प्रबंधन ने शिक्षक को स्कूल से हटाने की बात भी कही थी।

हालांकि, शिकायत के अगले दिन हुई घटनाओं को लेकर छात्रा और उसकी मां ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय छात्रा पर ही दबाव बनाया गया।

डायरेक्टर पर छात्रा से अनुचित सवाल पूछने का आरोप

छात्रा का आरोप है कि अगले दिन चौथे पीरियड के दौरान उसे प्रिंसिपल के कार्यालय में बुलाया गया। वहां स्कूल के डायरेक्टर, प्रिंसिपल और एक महिला शिक्षिका मौजूद थीं।

छात्रा के मुताबिक, इस दौरान डायरेक्टर ने उससे कथित तौर पर अभद्र तरीके से बात की और उसके आरोपों पर सवाल उठाए। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि उससे कहा गया कि वह बताकर दिखाए कि शिक्षक ने उसे किस तरह छुआ था।

पीड़िता का कहना है कि उसे झूठा ठहराने की कोशिश की गई और यह महसूस कराया गया कि मामले में कोई उसका साथ नहीं देगा। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे घर जाकर अपनी मां को बातचीत के बारे में नहीं बताने के लिए कहा गया।

छात्रा के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्कूल प्रबंधन का पक्ष भी लिया जाना है।

मां बोलीं—बेटी डर गई है, स्कूल जाने में हो रही परेशानी

पीड़ित छात्रा की मां का कहना है कि उन्हें पहले भी स्कूल में शिक्षक के कथित व्यवहार को लेकर जानकारी मिली थी, लेकिन बाद में बेटी की शिकायत गंभीर होने पर उन्होंने स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया।

परिवार के अनुसार, 15 अक्टूबर को मां ने प्रिंसिपल से मुलाकात कर शिकायत की थी। उस समय उन्हें भरोसा दिया गया था कि मामले को देखा जाएगा और संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई होगी। लेकिन मां का आरोप है कि अगले दिन उनकी बेटी को बुलाकर जिस तरह के सवाल पूछे गए, उससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गई।

मां का कहना है कि घटना के बाद से बेटी डरी-सहमी रहने लगी है और स्कूल जाने को लेकर भी असहज महसूस कर रही है। परिवार का दावा है कि अन्य छात्राएं भी शिक्षक के व्यवहार से परेशान थीं, लेकिन डर या सामाजिक दबाव के कारण खुलकर शिकायत नहीं कर पा रही थीं।

इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

परिवार की मांग—शिकायत की रिसीविंग और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो

छात्रा और उसके परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के सामने कुछ मांगें रखी हैं। परिवार चाहता है कि 15 छात्राओं के हस्ताक्षर वाले शिकायत पत्र की रिसीविंग दी जाए और आवेदन की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।

इसके साथ ही परिवार ने डायरेक्टर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल में ऐसा वातावरण होना चाहिए, जहां छात्राएं किसी भी अनुचित व्यवहार की शिकायत बिना डर के अपने अभिभावकों और प्रिंसिपल से कर सकें।

परिजनों का जोर है कि शिकायत करने वाली छात्राओं की पहचान और सुरक्षा का ध्यान रखा जाए तथा मामले की निष्पक्ष जांच हो।

शिकायत पर पुलिस की नजर, स्कूल प्रबंधन से भी होगी पूछताछ

डालनवाला कोतवाली प्रभारी विनोद गुसाईं के अनुसार, स्कूल में हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। फिलहाल परिजनों और स्कूल प्रबंधन से बातचीत की जा रही है। उनका कहना है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में आया है। जांच के लिए टीम को स्कूल भेजा गया है और स्कूल प्रबंधन के बयान भी लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

देहरादून के निजी स्कूल से जुड़ा यह मामला छात्राओं की सुरक्षा, शिकायतों के निस्तारण और स्कूल प्रशासन की जवाबदेही से संबंधित गंभीर सवाल उठाता है। फिलहाल शिक्षक पर लगाए गए आरोपों और स्कूल प्रबंधन के व्यवहार को लेकर सामने आए दावों की जांच होना बाकी है। पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। किसी भी अनुचित व्यवहार की शिकायत को गंभीरता से सुनना, शिकायतकर्ता पर दबाव न डालना और निष्पक्ष जांच कराना संबंधित संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

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