मसूरी, 4 नवंबर 2026
उत्तराखंड के मसूरी में बुधवार को राजनीतिक विरोध उस समय विवाद में बदल गया, जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के कार्यक्रम के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई। जॉर्ज एवरेस्ट स्थित हाथीपांव में आयोजित ‘भूमि बचाओ, धामी हटाओ’ कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के काफिले को भाजपा कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताया। इसी दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गया।
इस घटनाक्रम में मसूरी भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। भाजपा ने इस घटना के लिए मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता और उनके साथियों को जिम्मेदार ठहराया है।
काले झंडे दिखाने के दौरान बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल हाथीपांव में आयोजित धरने में शामिल होने के लिए अपने समर्थकों के साथ पहुंच रहे थे। इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले के सामने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया।
शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और विरोध देखने को मिला, लेकिन कुछ ही देर में कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी तेज हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों दलों के समर्थकों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। अचानक हुई झड़प से घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
भाजपा मंडल अध्यक्ष के कपड़े फाड़ने और लाठी से हमला करने का आरोप
भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया है कि पूर्व पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता और उनके साथ मौजूद लोगों ने मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल पर हमला किया। पार्टी का दावा है कि इस दौरान रजत अग्रवाल के कपड़े फाड़ दिए गए और उन पर लाठियों से भी वार किया गया।
घटना के बाद मौके पर काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बनी रही। हालात बिगड़ते देख मसूरी पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति संभालने का प्रयास किया।
भाजपा ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद मसूरी भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के व्यवहार की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता राजनीतिक गुंडागर्दी को बढ़ावा दे रहे हैं और शहर का शांतिपूर्ण माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा नेताओं ने कहा कि मंडल अध्यक्ष के साथ हुई कथित मारपीट को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी की ओर से संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करने की बात कही गई है।
कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हाथीपांव में आयोजित धरने को लेकर कांग्रेस समर्थकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी देखकर भाजपा कार्यकर्ता बौखला गए थे। कांग्रेस का आरोप है कि राजनीतिक दबाव बनाने के लिए बेवजह मारपीट के आरोप लगाए जा रहे हैं।
दोनों दलों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जाने के बाद मसूरी का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
निष्कर्ष
मसूरी में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान हुआ यह टकराव अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। एक तरफ भाजपा मंडल अध्यक्ष के साथ मारपीट का आरोप लगाकर प्राथमिकी और कार्रवाई की मांग कर रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस भाजपा के आरोपों को निराधार बता रही है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों के आरोप सामने आए हैं। मामले में वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


