यमकेश्वर, 4 नवंबर 2026
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उत्तराखंड के एक युवा वैज्ञानिक ने तकनीक के जरिए नई पहल की है। पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर ब्लॉक स्थित बड्यूण गांव के रहने वाले दीपक बडोनी ने SOS (एसओएस) एप के लिए एक ऐसा नया फीचर विकसित किया है, जिसके माध्यम से किसी संभावित अनहोनी की स्थिति में महिला के परिजनों को स्वतः अलर्ट मिल सकेगा। इस तकनीक को तैयार करने में उन्हें करीब दो साल का समय लगा है।
खास बात यह है कि इस फीचर के जरिए महिलाओं को संकट के समय खुद मोबाइल निकालकर अपनी लोकेशन भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। घर से बाहर निकलते समय मोबाइल में लोकेशन ऑन करने के बाद उनकी लाइव लोकेशन लगातार ट्रैक होती रहेगी। किसी संदिग्ध परिस्थिति या अनहोनी की आशंका होने पर परिजनों के मोबाइल पर तत्काल नोटिफिकेशन पहुंच जाएगा।
अब संकट के समय खुद SOS दबाने की जरूरत नहीं
दीपक बडोनी के अनुसार, वर्तमान में इस्तेमाल होने वाले SOS एप में आपात स्थिति के दौरान महिला को खुद मोबाइल खोलकर SOS अलर्ट भेजना पड़ता है। लेकिन कई बार अपराध या संकट की स्थिति में महिला को फोन इस्तेमाल करने का मौका नहीं मिल पाता।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने नए फीचर पर काम शुरू किया। उनके विकसित सिस्टम में महिला को घर से निकलते समय अपने फोन में लोकेशन ऑन करनी होगी। इसके बाद उसकी लाइव लोकेशन परिजनों के मोबाइल से जुड़ी रहेगी।
यदि किसी अप्रिय घटना या खतरे की स्थिति सामने आती है, तो परिजनों को अपने आप नोटिफिकेशन प्राप्त हो सकेगा। इससे वे समय रहते सतर्क होकर संबंधित महिला तक पहुंचने और संभावित घटना को रोकने के लिए कदम उठा सकेंगे।
दो साल की मेहनत से तैयार किया नया फीचर
युवा वैज्ञानिक दीपक बडोनी ने इस तकनीक को विकसित करने में लगभग दो साल तक मेहनत की है। उनका उद्देश्य महिलाओं को ऐसी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिसमें आपातकालीन स्थिति में उनकी सुरक्षा के लिए परिवार को समय रहते जानकारी मिल सके।
दीपक ने बताया कि इस फीचर को जल्द ही SOS एप में जोड़ने की तैयारी है। इसके लागू होने से महिला सुरक्षा के क्षेत्र में तकनीक का उपयोग और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
राष्ट्रीय और राज्य महिला आयोग ने की पहल की सराहना
अपने इस तकनीकी प्रयास को आगे बढ़ाने के लिए दीपक बडोनी ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर और उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने अपने विकसित फीचर की कार्यप्रणाली और इसके संभावित उपयोग की जानकारी दोनों अध्यक्षों को दी। दोनों ने दीपक की सोच और महिला सुरक्षा के लिए किए जा रहे तकनीकी प्रयास की सराहना की।
साथ ही इस फीचर को SOS एप में लॉन्च कराने के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र के एक छोटे से गांव से निकलकर युवा वैज्ञानिक द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए किया गया यह प्रयास सराहनीय है और पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
निष्कर्ष
यमकेश्वर के युवा वैज्ञानिक दीपक बडोनी की यह पहल दिखाती है कि तकनीक का सही इस्तेमाल सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। यदि उनका विकसित SOS फीचर सफलतापूर्वक एप में शामिल होकर प्रभावी ढंग से काम करता है, तो महिलाओं और उनके परिवारों को आपातकालीन परिस्थितियों में अतिरिक्त सुरक्षा मिल सकती है। अब इस पहल को एप में शामिल किए जाने और इसके व्यावहारिक इस्तेमाल पर सभी की निगाहें रहेंगी।


