नैनीताल | 6 नवंबर 2026
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्कूली बच्चों के साथ कथित मारपीट और इसके विरोध में हुए धरना-प्रदर्शन का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। ओखलकांडा ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज डालकन्या भोलापुर में सामने आए इस प्रकरण पर उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार स्वयं विद्यालय पहुंचे। उन्होंने स्कूल का निरीक्षण करने के साथ विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। इसके अलावा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। आयोग ने मामले की निष्पक्ष जांच पूरी कर 10 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद आयोग ने लिया संज्ञान
भीमताल विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ ओखलकांडा ब्लॉक स्थित राजकीय इंटर कॉलेज डालकन्या भोलापुर में बच्चों के साथ कथित मारपीट और उसके बाद हुए धरना-प्रदर्शन को लेकर मामला चर्चा में आया था।
सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में घटनाक्रम से जुड़ी खबरें सामने आने के साथ आयोग को शिकायतें भी प्राप्त हुईं। इसके बाद बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी।
आयोग सदस्य ने स्कूल पहुंचकर बच्चों से की बातचीत
आयोग सदस्य योगेश सिंह रजवार ने विद्यालय पहुंचकर सबसे पहले स्कूल भवन और वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने शैक्षणिक सुविधाओं के साथ-साथ बुनियादी संसाधनों का भी निरीक्षण किया।
इसके बाद उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। बच्चों से उनकी परेशानियों, पढ़ाई के माहौल और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। आयोग सदस्य ने संबंधित पक्षों से भी घटनाक्रम को लेकर चर्चा की, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
कई विभागों के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक
विद्यालय निरीक्षण के बाद एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसमें बच्चों के साथ कथित मारपीट, धरना-प्रदर्शन और इन घटनाओं के कारण विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में शिक्षा विभाग, बाल कल्याण समिति, जिला प्रोबेशन कार्यालय, बाल कल्याण पुलिस इकाई, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम, चाइल्ड हेल्पलाइन, खन्स्यू थाना पुलिस और विद्यालय प्रबंधन के प्रतिनिधि शामिल हुए।
शिक्षा विभाग को बनाया गया जांच का नोडल विभाग
आयोग सदस्य योगेश सिंह रजवार ने मामले की जांच के लिए शिक्षा विभाग को नोडल विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है। जांच प्रक्रिया में खंड शिक्षा अधिकारी ओखलकांडा सोहलिता नेगी और खंड शिक्षा अधिकारी भीमताल कैना चौहान सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच करें। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और संबंधित पक्षों के बयानों को गंभीरता से शामिल किया जाए।
10 दिन में रिपोर्ट, लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई
आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच रिपोर्ट 10 दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाए। योगेश सिंह रजवार ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में मारपीट, उत्पीड़न या ऐसी किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जा सकता, जिससे बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़े। जांच में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर इसे गंभीरता से लिया जाएगा।
निष्कर्ष
ओखलकांडा के राजकीय इंटर कॉलेज डालकन्या भोलापुर का मामला अब बाल संरक्षण आयोग की निगरानी में है। आयोग की ओर से 10 दिनों में जांच रिपोर्ट मांगे जाने के बाद संबंधित विभागों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। अब सभी की नजर जांच के निष्कर्षों पर टिकी है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विद्यालय में हुई घटना के लिए कौन जिम्मेदार है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।



