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देहरादून की असली आबादी की तस्वीर 14 साल बाद होगी साफ, नगर निगम में जनगणना की तैयारियां अंतिम चरण में

डिजिटल सिस्टम से जुटाए जाएंगे आंकड़े, 1 जनवरी 2026 से शुरू होगा फील्ड सर्वे


देहरादून, 8 अक्टूबर 2025


राजधानी देहरादून में 14 साल बाद नगर निगम क्षेत्र की वास्तविक आबादी और भवनों की गिनती की तैयारी तेज हो गई है। नगर निगम ने 100 वार्डों में जनगणना के लिए ब्लॉक निर्धारण का कार्य पूरा कर लिया है। हर वार्ड को औसतन 16 ब्लॉकों में बांटा गया है। यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल सिस्टम के तहत की जाएगी, जिसमें सभी आंकड़े मोबाइल एप के माध्यम से दर्ज होंगे।

सूत्रों के अनुसार, एक जनवरी 2026 से जनगणना का फील्ड कार्य शुरू होने की संभावना है, जबकि कर्मचारियों की तैनाती और प्रशिक्षण की प्रक्रिया दिसंबर 2025 तक पूरी कर ली जाएगी।


 2011 के बाद पहली बार सामने आएगी देहरादून की असली तस्वीर

देहरादून में पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी, जब नगर निगम में केवल 60 वार्ड थे। उस समय शहर की जनसंख्या लगभग 5.7 लाख थी। वर्ष 2018 में नगर निगम की सीमाओं का विस्तार हुआ और 72 नए गांव निगम क्षेत्र में शामिल किए गए, जिससे वार्डों की संख्या बढ़कर 100 हो गई।

अब जनगणना में इन सभी 72 गांवों की आबादी और निर्माण गतिविधियों का भी आंकलन किया जाएगा। इससे निगम की सीमा के अंदर बढ़ती शहरीकरण की सटीक तस्वीर सामने आएगी।


 1600 ब्लॉक बनाए गए, हर ब्लॉक में 600 से अधिक लोगों की गणना होगी

नगर निगम के जनगणना अनुभाग के अनुसार, इस बार लगभग 1600 ब्लॉक बनाए गए हैं, प्रत्येक ब्लॉक में करीब 600 से 650 लोगों की जनसंख्या के आधार पर सीमांकन किया गया है।
पहले 60 वार्डों के लिए 1428 ब्लॉक तय किए गए थे, लेकिन आबादी और विस्तार को देखते हुए अब इनकी संख्या बढ़ाई गई है।


 शहरीकरण की रफ्तार: नए वार्डों में तेजी से बढ़ी आबादी और निर्माण

देहरादून के बालावाला, मोहकमपुर, हर्रावाला, मोथरोवाला, मालसी, गुजराड़ा मानसिंह, डांडा लखौड़, नेहरूग्राम, रायपुर, लाडपुर, बंजारावाला और बद्रीपुर जैसे इलाकों में पिछले एक दशक में जनसंख्या और निर्माण कार्यों में जबरदस्त वृद्धि हुई है।
नगर निगम का अनुमान है कि इन क्षेत्रों में करीब 15 हजार व्यावसायिक भवन और हजारों नए मकान बन चुके हैं।

जनगणना पूरी होने के बाद इन नए इलाकों की आबादी, आवासीय भवनों की संख्या और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की स्थिति पहली बार स्पष्ट रूप से सामने आएगी।


 डिजिटल मोड में होगी जनगणना

इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल एप के माध्यम से की जाएगी। हर सर्वे कर्मचारी के पास एक मोबाइल एप होगा, जिसमें घर-घर जाकर डेटा तुरंत दर्ज किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने निर्देश दिए हैं कि फरवरी 2027 तक जनगणना का संपूर्ण कार्य पूरा कर लिया जाए ताकि नगर निकायों के विकास कार्यों की रूपरेखा नई जनसंख्या के आधार पर तय की जा सके।


 अभी भी पुराने आंकड़ों पर हो रहे हैं चुनाव

वर्तमान में देहरादून नगर निगम के चुनाव वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों पर आधारित हैं। तब की जनसंख्या लगभग 7.06 लाख थी।
अब अनुमान है कि शहर की वास्तविक जनसंख्या 10 लाख से अधिक हो चुकी है।

पुराने 60 वार्डों में ही करीब 1.25 लाख मकान दर्ज हैं, जबकि रिस्पना और बिंदाल नदी के किनारे लगभग 50 हजार अनधिकृत मकान हैं, जिनमें लगभग 1.5 लाख लोग निवास करते हैं।


 कुछ वार्डों में आबादी तीन गुना तक बढ़ी

नगर निगम के रिकार्ड के अनुसार, कई वार्डों में बीते 14 वर्षों में जनसंख्या में भारी वृद्धि हुई है।
जैसे—

  • बंजारावाला वार्ड: 2011 में 12,000 आबादी → अब करीब 24,000

  • किशननगर, नेहरूग्राम, हर्रावाला और रायपुर वार्ड में भी दो से तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है।


 निष्कर्ष: नई जनगणना से तय होगा भविष्य का विकास मॉडल

नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, यह जनगणना देहरादून के भविष्य की शहरी योजना, टैक्स निर्धारण, आवास नीति और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए आधार बनेगी।
उपनगर आयुक्त गौरव भसीन ने बताया कि “यह सर्वे शहर की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट करेगा और आने वाले वर्षों में निगम की विकास योजनाओं को दिशा देगा।”


 फील्ड सर्वे प्रारंभ होने की तिथि: 1 जनवरी 2026
 स्थान: देहरादून नगर निगम क्षेत्र, उत्तराखंड
 महत्व: 14 साल बाद पहली बार होगी देहरादून की डिजिटल जनगणना

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