स्थान : देहरादून, उत्तराखंड
तारीख : 22 दिसंबर 2025
उत्तराखंड की राजनीति में सोशल मीडिया से उठा एक वीडियो विवाद अब खुली सियासी जंग में बदल गया है। भाजपा द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई एक एआई-जनरेटेड रील को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और सत्तारूढ़ दल आमने-सामने आ गए हैं। भाजपा ने रील के जरिए हरीश रावत पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस नेता ने इसे झूठा, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए माफी की मांग की है।
एआई से बनी रील बनी विवाद की जड़
भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की गई 29 सेकंड की इस रील की शुरुआत में हरीश रावत को कथित रूप से कहते दिखाया गया है—
“मुस्लिम शरणम गच्छामि, मजार शरणम गच्छामि, लव जिहाद शरणम गच्छामि।”
रील के अगले हिस्सों में मजार के निर्माण, मुस्कुराते लोगों और उत्तराखंड की ‘देवभूमि’ को ‘मजारों की भूमि’ में बदलने जैसे दृश्य और संवाद दिखाए गए हैं। वीडियो के अंतिम दृश्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ चलते हुए नजर आते हैं।
रील के संदेश में कांग्रेस पर तीखा हमला
रील में दावा किया गया है कि सत्ता की लालच में कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति करते हुए देवभूमि की पवित्रता से समझौता किया और प्रदेश की डेमोग्राफी को बदलने का प्रयास किया। संदेश में यह भी कहा गया है कि अब ऐसा और नहीं होने दिया जाएगा।
हरीश रावत का तीखा पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रील को पूरी तरह फर्जी और झूठ का पुलिंदा बताते हुए भाजपा से सार्वजनिक माफी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रील तत्काल नहीं हटाई गई तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और भाजपा कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
‘प्राण चले जाएंगे, लेकिन झूठ का पर्दाफाश करूंगा’
हरीश रावत ने कहा कि भाजपा बार-बार झूठ का सहारा लेकर जनता के असली सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा,
“मैंने तय कर लिया है कि प्राण चले जाएंगे, मगर भाजपा के झूठ का पर्दाफाश जरूर करूंगा। इस बार भाजपा के झूठ की हांडी किसी भी कीमत पर नहीं चढ़ने देंगे।”
सोशल मीडिया के जरिए भाजपा पर हमला
सोशल मीडिया पोस्ट में हरीश रावत ने कहा कि भाजपा की रणनीति प्रदेश की समस्याओं—पलायन, बेरोजगारी, मानव-वन्यजीव संघर्ष, महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार और असंतुलित विकास—से जनता का ध्यान हटाने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले नौ वर्षों से प्रदेश कुशासन झेल रहा है।
पार्टी स्तर पर आंदोलन की तैयारी
हरीश रावत ने बताया कि कुछ कदम वह व्यक्तिगत स्तर पर उठाएंगे, जबकि कुछ निर्णय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल से चर्चा के बाद पार्टी स्तर पर लिए जाएंगे। उन्होंने जल्द ही भाजपा के खिलाफ उठाए जाने वाले कदमों की घोषणा करने की बात कही।
वन्यजीव मुद्दे पर भी रखी राय
अपने बयान में उन्होंने वन्यजीवों के बंध्याकरण के फैसले को आंशिक रूप से सही बताया, लेकिन कहा कि इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि उत्तराखंड के जंगलों में क्षमता से अधिक हो चुके वन्यजीवों को अन्य राज्यों के कम वन्यजीव वाले क्षेत्रों में भेजा जाना चाहिए।
निष्कर्ष
एआई तकनीक से बने वीडियो ने उत्तराखंड की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और मामला कानूनी व सड़कों पर आंदोलन तक पहुंच सकता है। अब सबकी नजर इस पर है कि भाजपा रील हटाती है या कांग्रेस अपने ऐलान के मुताबिक कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई करती है।


