ऋषिकेश, 25 मार्च 2026
ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की ओपीडी में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक मरीज अचानक जांच के दौरान घबराकर अस्पताल परिसर में इधर-उधर भागने लगा और सीढ़ियों के रास्ते सीधे छठी मंजिल तक पहुंच गया। इस घटना से कुछ देर के लिए अस्पताल में हड़कंप का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त मरीज अपने परिजनों के साथ एम्स में जांच कराने आया था। डॉक्टरों द्वारा उसकी एंडोस्कोपी जांच निर्धारित की गई थी। हालांकि, मरीज पहले से ही इस जांच को लेकर असहज था और उसने परिजनों से टेस्ट न कराने की बात कही थी।
जैसे ही जांच की प्रक्रिया शुरू हुई, मरीज अचानक घबरा गया और ओपीडी से बाहर निकलकर तेजी से सीढ़ियों की ओर भागा। देखते ही देखते वह छठी मंजिल तक पहुंच गया। वहां पहुंचने पर जब उसे दरवाजा बंद मिला, तो उसने जोर लगाकर दरवाजे की कुंडी तोड़ने की कोशिश की और आगे बढ़ने का प्रयास किया।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत सक्रियता दिखाई। उन्होंने मरीज का पीछा किया और काफी समझाइश के बाद उसे शांत कराया। सुरक्षा टीम ने सूझबूझ के साथ मरीज को सुरक्षित नीचे लाकर संबंधित विभाग में पहुंचाया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मरीज मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रहा है और उसका उपचार ओपीडी के माध्यम से चल रहा है। घटना के बाद डॉक्टरों की निगरानी में उसकी आवश्यक जांच पूरी कराई गई।
निष्कर्ष:
यह घटना अस्पतालों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मरीजों के प्रति विशेष सतर्कता और संवेदनशीलता की आवश्यकता को उजागर करती है। एम्स प्रशासन की तत्परता और सुरक्षा कर्मियों की सक्रियता के चलते एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई। मरीज को उचित उपचार देकर आगे की देखभाल के लिए परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।


