स्थान: देहरादून
तारीख: 19 अप्रैल 2026
देहरादून में सफाई व्यवस्था को लेकर नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से सिटीजन फोरम ने एक नई पहल करते हुए ‘सफाई मित्र’ मोबाइल एप लॉन्च किया। इस दौरान फोरम के प्रतिनिधियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और मेयर की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए।
प्रेस क्लब में लॉन्च हुआ ऐप
देहरादून प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सिटीजन फोरम के संरक्षक अनूप नौटियाल और जगन मोहन मेहंदीरत्ता ने संयुक्त रूप से ‘सफाई मित्र’ एप्लीकेशन को लॉन्च किया।
उन्होंने कहा कि शहर को “कूड़ा रहित दून” बनाने के लिए यह एक नागरिक केंद्रित पहल है, जो लोगों को सीधे सफाई व्यवस्था से जोड़ने का काम करेगी।
मेयर पर उपेक्षा के आरोप
फोरम के सदस्यों ने आरोप लगाया कि देहरादून के मेयर शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं हैं और केवल उद्घाटन कार्यक्रमों तक ही सीमित हैं। उन्होंने नगर निगम के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़े अंतर पर नाराजगी जताई।
‘न जलाओ, न छिपाओ, न बहाओ’ अभियान
अनूप नौटियाल ने बताया कि सिटीजन फोरम ने दो साल पहले वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर अपना मिशन शुरू किया था, लेकिन अब तक अपेक्षित सुधार नहीं दिखा है। उन्होंने कहा कि देहरादून जैसे शहर में कचरे की समस्या होना ही नहीं चाहिए और कूड़ा जलाने की परंपरा को पूरी तरह खत्म करना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि करीब 15 लाख आबादी वाले शहर में स्वच्छता की निगरानी कमजोर है और “स्वच्छता पेट्रोलिंग” जैसी व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रही हैं।
सरकार और संगठन को दी सलाह
अनूप नौटियाल ने सुझाव दिया कि भाजपा संगठन को भी पर्यावरण और सफाई व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही देहरादून नगर निगम में एक महिला को डिप्टी मेयर बनाए जाने की मांग भी उठाई गई।
उन्होंने प्रदेश के सभी नगर निगमों की बैठक बुलाकर नियमों को सख्त करने की आवश्यकता जताते हुए पुष्कर सिंह धामी से इस दिशा में पहल करने की अपील की।
क्या है ‘सफाई मित्र’ ऐप का उद्देश्य
फोरम के अनुसार, ‘सफाई मित्र’ एप मौजूदा सिस्टम को बदलने के बजाय उसे मजबूत करने का प्रयास है। इसके जरिए नागरिक कचरा जमा होने, कचरा नहीं उठने या कचरा जलाने जैसी समस्याओं की शिकायत सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे।
निष्कर्ष:
सिटीजन फोरम की इस पहल से जहां नागरिक सहभागिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, वहीं नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल प्रशासन के लिए चुनौती बन सकते हैं। अब देखना होगा कि ‘सफाई मित्र’ ऐप जमीनी स्तर पर कितना असर डाल पाता है और सफाई व्यवस्था में कितना सुधार ला पाता है।


