स्थान: रुद्रपुर (उत्तराखंड)
तारीख: 19 अप्रैल 2026
उत्तराखंड में “नशा मुक्त देवभूमि” अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए उधम सिंह नगर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया है। इस ऑपरेशन में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जो ओडिशा से नशे की खेप लाकर राज्य में सप्लाई करने की तैयारी में थे।
‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बड़ी कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पुलिस ने 558.78 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपये आंकी गई है।
चेकिंग के दौरान पकड़ा गया संदिग्ध वाहन
यह कार्रवाई 18 अप्रैल 2026 को कोतवाली रुद्रपुर पुलिस और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई में की गई। बागवाला फ्लाईओवर के पास चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध कैंटर वाहन (UP81 FT 5851) को रोका गया।
वाहन की तलाशी राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में ली गई, जिसमें सुतली रस्सियों के गट्ठरों के बीच बेहद चालाकी से छिपाकर रखे गए 18 प्लास्टिक कट्टों और तीन स्कूल बैगों से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
तीन तस्कर गिरफ्तार, नकदी और मोबाइल बरामद
पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान संजय गुप्ता (किच्छा), डीटू यादव और मोहित यादव (दोनों मैनपुरी, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। इनके पास से पांच मोबाइल फोन और 29,880 रुपये नकद भी बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि गांजे की यह खेप ओडिशा के सोनपुर क्षेत्र से लाई गई थी और इसे रुद्रपुर में स्थानीय तस्करों तक पहुंचाया जाना था।
मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास, संपत्ति जब्ती की तैयारी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी संजय गुप्ता पहले भी एनडीपीएस एक्ट के मामलों में शामिल रहा है। अवैध नशे के कारोबार से अर्जित करीब 3 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है और इसे न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
साथ ही इस पूरे तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
चारधाम यात्रा और अर्धकुंभ में खपाने की थी तैयारी
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि बरामद गांजे को आगामी चारधाम यात्रा और अर्धकुंभ मेला के दौरान खपाने की योजना थी।
इस बड़ी सफलता पर पुलिस टीम को 7,500 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। साथ ही स्पष्ट किया गया कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है।
निष्कर्ष:
उधम सिंह नगर पुलिस की यह कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ सख्त रुख का संकेत है। बड़ी मात्रा में गांजे की बरामदगी से न केवल एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, बल्कि यह भी स्पष्ट हो गया है कि पुलिस भविष्य में भी ऐसे अवैध कारोबार पर लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रखेगी।


