स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 26 अप्रैल 2026
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून के मोथरोवाला क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें संस्करण को स्थानीय लोगों के साथ सुना। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और कार्यक्रम को उत्साहपूर्वक सुना गया।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री धामी ने ‘मन की बात’ को देशवासियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यह मंच समाज के विभिन्न वर्गों के उत्कृष्ट कार्यों और नवाचारों को सामने लाने का सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के जरिए स्टार्टअप, स्वच्छता, आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण और लोक संस्कृति जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ ने आम नागरिकों के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे देश के कोने-कोने में हो रहे सकारात्मक कार्यों को एक मंच मिला है और समाज में बदलाव की प्रेरणा पैदा हुई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत वैश्विक स्तर पर तेजी से उभरती हुई आर्थिक शक्ति बन रहा है। विज्ञान, रक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। साथ ही भारत अब रक्षा उपकरणों और हथियारों का निर्यात भी कर रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड भी विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य के सीमांत क्षेत्रों तक सड़क, रेल और आधुनिक सुविधाएं पहुंच रही हैं, जिससे वहां के लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड, विकसित भारत के संकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष जुड़ाव है। बाबा केदार की पावन भूमि से प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखंड को 21वीं सदी के तीसरे दशक का राज्य बताए जाने के संकल्प को राज्य सरकार गंभीरता से आगे बढ़ा रही है और इसके सकारात्मक परिणाम अब दिखने लगे हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति, आस्था और परंपराओं को संरक्षित रखना सरकार की प्रतिबद्धता है। इसके साथ ही राज्य में सख्त दंगारोधी कानून, धर्मांतरण कानून और नकल विरोधी कानून लागू किए गए हैं, जो अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जहां केंद्र और राज्य में एक ही सरकार होती है, वहां विकास की गति दोगुनी हो जाती है और इसका लाभ सीधे जनता को मिलता है।
इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, प्रताप सिंह पंवार, सरिता डंगवाल, मोहित शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
निष्कर्ष:
‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से जहां एक ओर देश में सकारात्मक सोच और नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं राज्य सरकार भी इसे जनजागरण का प्रभावी माध्यम मान रही है। मुख्यमंत्री धामी का यह बयान स्पष्ट करता है कि उत्तराखंड सरकार केंद्र के साथ मिलकर विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।


