स्थान: दुदली गांव / नैनीताल
क्षेत्र: धारी विकासखंड
तारीख: 27 अप्रैल 2026
उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। धारी विकासखंड के दुदली गांव के पास एक मैक्स वाहन अनियंत्रित होकर करीब 50 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना मिलते ही शुरू हुआ राहत और बचाव कार्य
पुलिस के अनुसार, सोमवार 27 अप्रैल को वाहन के खाई में गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
खाई में गिरे सभी घायलों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया और सड़क तक पहुंचाया गया।
अस्पताल में दो को मृत घोषित किया गया
घायलों को प्राथमिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुरी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक हिमांशु कांडपाल के अनुसार, हरीश बेलवाल और लता शर्मा को अस्पताल लाया गया था, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
चार घायलों को हायर सेंटर रेफर
हादसे में घायल नेहा बेलवाल, कमल शर्मा, सुभाष बेलवाल और दिनेश शर्मा का प्राथमिक उपचार किया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए चारों को बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी के हायर सेंटर रेफर किया गया है।
हादसे की भयावहता का अंदाजा
हादसा इतना भीषण था कि खाई में गिरते ही वाहन के परखच्चे उड़ गए। जानकारी के अनुसार, मृतक हरीश बेलवाल अपने बेटे सुभाष और बेटी नेहा के साथ बाजार से गांव लौट रहे थे, तभी वाहन अचानक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। इस हादसे में पिता की मौत हो गई, जबकि दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।
खराब सड़क बनी हादसे की वजह
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की सड़क लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण ही यह हादसा हुआ है।
लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
निष्कर्ष
दुदली गांव में हुआ यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा की गंभीर स्थिति को उजागर करता है। खराब सड़कों और लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। अब जरूरी है कि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और लोगों की जान सुरक्षित रह सके।


