स्थान: निर्मला छावनी / हरिद्वार
तारीख: 27 अप्रैल 2026
हरिद्वार जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में एक मामूली विवाद ने भयावह रूप ले लिया, जहां पड़ोसी युवक ने गुस्से में आकर दूसरे युवक की ईंट से हमला कर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई, वहीं पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
विवाद के दौरान हुआ घातक हमला
पुलिस के अनुसार, निर्मला छावनी निवासी दीपक सक्सेना का 23 अप्रैल की रात अपने पड़ोसी सौरभ कोरी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई।
इसी दौरान आरोपी सौरभ ने गुस्से में आकर दीपक के सिर पर ईंट से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण दीपक मौके पर ही बुरी तरह घायल हो गया।
इलाज के दौरान हुई मौत
घायल दीपक को परिजन तुरंत उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के चलते उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामला दर्ज, आरोपी फरार
घटना के बाद मृतक के परिजन ने 25 अप्रैल को नगर कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने तत्काल सौरभ कोरी के खिलाफ हत्या से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, जिससे पुलिस के सामने उसे पकड़ना चुनौती बन गया।
पुलिस ने 24 घंटे में दबोचा आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने नगर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की और जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए संभावित ठिकानों पर दबिश दी और हिलबाई पास रोड के जंगल क्षेत्र से आरोपी सौरभ कोरी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला अपराध
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि विवाद के दौरान दीपक ने उसे गाली दी थी, जिससे वह गुस्से में आ गया और उसने ईंट से हमला कर दिया। घटना के बाद जब उसे दीपक की मौत की जानकारी मिली, तो वह डर के कारण जंगल में जाकर छिप गया।
बताया जा रहा है कि दोनों लंबे समय से एक ही कॉलोनी में रहते थे और पड़ोसी होने के कारण आपसी पहचान भी थी।
कोर्ट में पेशी के बाद भेजा गया जेल
नगर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
निष्कर्ष
निर्मला छावनी की यह घटना दर्शाती है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ता गुस्सा किस तरह एक बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है। एक मामूली विवाद ने एक युवक की जान ले ली और दो परिवारों की जिंदगी को प्रभावित कर दिया। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि आपसी विवादों को शांतिपूर्वक सुलझाना ही सबसे बेहतर रास्ता है, अन्यथा इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं।


