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देहरादून में बार पर छापे के दौरान हाई-वोल्टेज ड्रामा: पुलिस कार्रवाई के बीच आईजी पहुंचे, कप्तान ने खुद संभाला मोर्चा

स्थान: देहरादून / रोमियो लेन बार
तारीख: 27 अप्रैल 2026

राजधानी देहरादून में बार संचालन को लेकर पुलिस की सख्ती के बीच शनिवार देर रात एक हाई-वोल्टेज घटनाक्रम सामने आया। तय समय सीमा के बाद भी खुले बार को बंद कराने पहुंची पुलिस टीम को उस वक्त अप्रत्याशित स्थिति का सामना करना पड़ा, जब मौके पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद मिले।


रात 12:30 बजे तक चलता रहा बार

जानकारी के अनुसार, शहर के रोमियो लेन बार में देर रात तक शराब परोसी जा रही थी और तेज संगीत बज रहा था। जबकि प्रशासन द्वारा बार और पब को रात 11 बजे तक बंद करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद बार में आधी रात के बाद भी गतिविधियां जारी थीं।


एसपी सिटी पहुंचे तो सामने आए आईजी

सीसीटीवी निगरानी के दौरान बार के बाहर भीड़भाड़ दिखाई देने पर प्रमोद कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बार को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की ही थी कि वहां एक आईजी रैंक के अधिकारी अपने साथियों के साथ मौजूद मिले।

बताया जा रहा है कि आईजी ने मौके पर हस्तक्षेप करते हुए एसपी सिटी को कार्रवाई रोकने और वहां से लौटने के लिए कहा, जिससे स्थिति कुछ समय के लिए असहज हो गई।


कप्तान खुद पहुंचे, एक बजे कराया बार बंद

घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को संभालते हुए कड़ी कार्रवाई की और रात करीब एक बजे बार को बंद कराया।

बताया गया कि कप्तान ने मौके पर मौजूद स्टाफ को सख्त चेतावनी दी और भविष्य में नियमों का उल्लंघन न करने के निर्देश दिए।


पहले भी हो चुकी है गंभीर घटना

गौरतलब है कि 30 मार्च को ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की हत्या की घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने बार और पब संचालन को लेकर सख्ती बढ़ा दी थी। उस घटना में आरोपी देर रात तक शराब पीने के बाद बाहर निकले थे, जिसके बाद प्रशासन ने सभी बार को तय समय सीमा का पालन करने के निर्देश दिए थे।


सीसीटीवी में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम

बताया जा रहा है कि रोमियो लेन बार की यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। पुलिस अब फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।


निष्कर्ष

देहरादून की यह घटना कानून व्यवस्था और प्रशासनिक अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक ओर पुलिस नियमों का पालन कराने के लिए सख्ती दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर उच्च स्तर पर हस्तक्षेप जैसी स्थितियां कार्रवाई को प्रभावित करती नजर आती हैं। ऐसे में जरूरी है कि नियमों का पालन सभी स्तर पर समान रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि कानून की विश्वसनीयता बनी रहे और भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो।


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