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नैनीताल को जाम मुक्त बनाने की तैयारी, IIT रुड़की की मदद से लगेगा ‘ट्रैफिक आई’ सिस्टम

नैनीताल | 9 मई 2026

उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थल नैनीताल में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और घंटों लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए अब स्मार्ट तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। सरोवर नगरी नैनीताल को जाम मुक्त बनाने की दिशा में पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत शहर के प्रमुख मार्गों और पार्किंग स्थलों पर ‘ट्रैफिक आई’ डिवाइस लगाए जाएंगे, जिन्हें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की के सहयोग से विकसित किया गया है।

पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों के कारण नैनीताल में सालभर भारी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। खासकर पर्यटन सीजन और छुट्टियों के दौरान शहर की सड़कें वाहनों से भर जाती हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को लंबे जाम का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लागू करने की पहल की है।

योजना के पहले चरण में जिले के 17 महत्वपूर्ण स्थानों और पार्किंग क्षेत्रों में कुल 37 ‘ट्रैफिक आई’ डिवाइस स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार भविष्य में पूरे जिले में 70 से अधिक डिवाइस लगाए जाने की योजना है, जिस पर लगभग 69 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।

यह अत्याधुनिक सिस्टम शहर के विभिन्न मार्गों, पार्किंग स्थलों और प्रमुख चौराहों पर वाहनों की संख्या, पार्किंग क्षमता और ट्रैफिक दबाव की रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगा। इसके जरिए पुलिस और प्रशासन को तुरंत जानकारी मिल सकेगी कि किस क्षेत्र में यातायात दबाव बढ़ रहा है और कहां जाम की स्थिति बनने की संभावना है। इससे समय रहते ट्रैफिक डायवर्ट कर व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।

आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि इस स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम का परीक्षण मेट्रोपोल पार्किंग, डीएसए पार्किंग, अशोक पार्किंग और सिविल कोर्ट क्षेत्र में किया जा चुका है। परीक्षण के दौरान सिस्टम के सकारात्मक परिणाम सामने आए, जिसके बाद इसे बड़े स्तर पर लागू करने का निर्णय लिया गया।

पहले चरण में जिन स्थानों को शामिल किया गया है उनमें नारिमन तिराहा (काठगोदाम), भीमताल मोड़, भवाली चौराहा, बारापत्थर, तल्लीताल, कालाढूंगी तिराहा समेत कई प्रमुख चौराहे और पार्किंग स्थल शामिल हैं। ये वे क्षेत्र हैं जहां पर्यटन सीजन के दौरान सबसे अधिक ट्रैफिक दबाव देखने को मिलता है।

प्रशासन का मानना है कि ‘ट्रैफिक आई’ सिस्टम लागू होने के बाद नैनीताल में यातायात प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक आधुनिक, तेज और प्रभावी होगा। इससे न केवल जाम की समस्या में कमी आएगी, बल्कि पर्यटकों, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को भी सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा मिल सकेगी।

निष्कर्ष

स्मार्ट सिटी की तर्ज पर नैनीताल में लागू किया जा रहा ‘ट्रैफिक आई’ सिस्टम शहर के यातायात प्रबंधन में बड़ा बदलाव ला सकता है। आधुनिक तकनीक की मदद से जाम की समस्या पर नियंत्रण पाने की यह पहल आने वाले समय में पर्यटन नगरी की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।

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